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50 वर्ष तक की महिलाओं को बताए चूड़ी, घड़ी, पैन से बचाव के तरीके

एक वर्ष पहले
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विश्व महिला दिवस पर जशपुर के पुलिस लाइन में महिलाओं के लिए दो दिवसीय आत्मरक्षा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें 8 से 50 वर्ष तक की महिलाओं को आत्मरक्षा के लिए कराटे, जूडो की बेसिक तकनीक व पिन, दुपट्टा, चूड़ी, घड़ी, पैन, क्लिप आदि जैसे सामान से खुद के बचाव में हथियार के रूप में उपयोग करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के ताइक्वांडो खिलाड़ियों एवं पुलिस प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर पहली बार जिला अस्पताल में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाया गया

रक्षित निरीक्षक विमलेश कुमार देवांगन ने बताया की महिलाओं से जुड़े विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाव के लिए रविवार को जिला अस्पताल में सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक महिला पुलिस अधिकारी एव कर्मचारियों तथा उनके महिला परिजन के स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर में डॉ.तेजवति सिंह की टीम ने करीब 50 महिला पुलिस कर्मियों एवं पुलिस कर्मियों के महिला परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

महिला कर्मचारियों की सुनी गई समस्या- एसपी कार्यालय के सभाकक्ष में एसपी, एएसपी एवं रक्षित निरीक्षक ने महिला पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याएं सुनी और उनकी कार्यशैली की प्रशंसा की। एसपी ने कहा कि आज की महिला दूसरे पर निर्भर नहीं हैं। वह हर मामले में आत्मनिर्भर और स्वतंत्र हैं और पुरुषों के बराबर सब कुछ करने में सक्षम भी हैं। हमें महिलाओं का सम्मान जेंडर के कारण नहीं, बल्कि स्वयं की पहचान के लिए करनी चाहिए। हमें यह स्वीकार करना होगा कि घर और समाज की बेहतरी के लिए पुरुष और महिला दोनों समान रूप से योगदान दे रहे है। हर महिला विशेष होती है, चाहे वह घर पर हो या ऑफिस में। उन्होंने खुद की अनुभव एवं उच्च अधिकारियों के बताए अनुसार महिला-पुरुष की बराबरी शब्दों को याद करते हुए सभी महिला पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को अवगत कराएं एवं स्वयं शब्दों को जीवन में अमल करने की बाते बताई।वहीं कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले महिलाओं को पुरस्कृत भी किया गया।

गुड सेमेरिटन के तहत दो युवा हुए सम्मानित

गुड सेमेरिटन के तहत यातायात प्रभारी सूबेदार सौरभ चंद्राकर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार किसी सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने एवं पुलिस को सूचना देने तथा सहयोग करने में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु मनोरा के विनोद भगत एवं चंद्रशेखर स्वर्णकार ने सराहनीय योगदान दिए उन दोनों को एसपी के हाथों मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

महिलाओं को आत्मरक्षा के बारे में बताते हुए।
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