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विभाग का नया प्रस्ताव, एडवांस इनकम टैक्स देने पर रिफंड होगी अंतर की राशि

एक वर्ष पहले
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आयकर से संबंधित विवादित मामलों को सुलझाने के लिए विभाग ने नया प्रस्ताव लाया है। इसका लाभ रेगुलर टैक्स असेसमेंट करके टैक्स देने वालों को मिलेगा। यदि वह एडवांस में टैक्स जमा करते है और उनकी राशि मूल टैक्स की राशि से अधिक होती है तो अंतर की राशि उन्हें वापस की जाएगी। इसके अलावा उन्हें अलग से ब्याज और पेनल्टी की राशि भी नहीं देना पड़ेगी। यह सुविधा 31 मार्च तक कोर्ट समेत विभिन्न स्थानों पर लंबित प्रकरणों के इनकम टैक्स जमा करने वालों को मिलेगी। आयकर विभाग ने करदाताओं से कहा है कि 31 मार्च तक अपना टैक्स जमा कर लें। नहीं तो पेनल्टी वसूल की जाएगी।

इनकम टैक्स जमा करते ही जारी हो जाएगा प्रपत्र- जैसे ही विभाग में टैक्स की राशि जमा की जाएगी, वैसे ही विभाग से एक पत्र जारी होगा। विभागीय अपीलें हटा दी जाएंगी। आयकर दाता ने अपील लगाई है तो उन्हें अपील हटाने का पत्र देना होगा। 31 मार्च के बाद टैक्स जमा करने पर कुल राशि में 10 फीसदी अतिरिक्त टैक्स देना होगा। यदि विभागीय कार्रवाई के तहत चालान बनवा लेते हैं और टैक्स की राशि 31 मार्च के बाद जमा करते हैं तो भी 10 फीसदी अतिरिक्त टैक्स जमा करना पड़ेगा। एडवांस पर विभाग से रिफंड मिलेगा।

सर्फ टैक्स जमा कर सुलझा सकते हैं प्रकरण

कई मामले कमिश्नरी, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वर्षों से लंबित हैं। इनमें अधिकतम राशि दो से ढाई करोड़ तक की है तो न्यूनतम राशि 10 हजार या इससे कम है। ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार ने विवाद से विश्वास योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत आयकर दाता अपने प्रकरणों को सिर्फ टैक्स जमा करके ही सुलझा सकते हैं। उन्हें अलग से ब्याज और पेनल्टी नहीं देना होगा। यदि एडवांस में अधिक राशि देते हैं तो अंतर की राशि वापस की जाएगी।

जारी होगा। विभागीय अपीलें हटा दी जाएंगी। आयकर दाता ने अपील लगाई है तो उन्हें अपील हटाने का पत्र देना होगा। 31 मार्च के बाद टैक्स जमा करने पर कुल राशि में 10 फीसदी अतिरिक्त टैक्स देना होगा। यदि विभागीय कार्रवाई के तहत चालान बनवा लेते हैं और टैक्स की राशि 31 मार्च के बाद जमा करते हैं तो भी 10 फीसदी अतिरिक्त टैक्स जमा करना पड़ेगा। एडवांस पर विभाग से रिफंड मिलेगा।

इसके लिए सीसीआईटी के पास करना होगा आवेदन

इस योजना का फायदा उठाने के लिए आयकर दाता को सीसीआईटी रायपुर में आवेदन करना होगा। आवेदन करने के 15 दिन के भीतर कमिश्नर प्रकरणों का अवलोकन करके टैक्स में जमा की जाने वाली राशि की जानकारी देगा। आयकर दाता को 15 दिन के भीतर डिमांड की राशि विभाग में जमा करनी होगी। 31 मार्च तक टैक्स की राशि जमा करने पर अलग से कोई टैक्स नहीं लगेगा। इस दौरान अधिक राशि जमा करते हैं तो वापस हो जाएगा।

अपील में जीत चुके हैं तो 50% टैक्स देना होगा

अफसरों का कहना है कि किसी प्रकरण में यदि आयकर दाता के पक्ष में फैसला हो चुका है और उस मामले में विभाग ने अपील की है तो ऐसे प्रकरणों में आयकर दाता सिर्फ 50 फीसदी टैक्स देकर सुलझा सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, यदि विभाग जीत चुका है और उसके विरुद्ध आयकर दाता ने अपील की है तो उन्हें 100 फीसदी टैक्स देना होगा। इसी तरह इस योजना के अंतर्गत मामला सुलझा लेते हैं तो न्यायलीयन प्रकरणों भी आयकर दाता को छूट मिल सकता है।

करदाताओं को फायदा : सभी लंबित मामलों को सुलझाने में मिलेगा लाभ
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