झंडा स्थापना से हुई शुरुआत, रातभर लोक गीतों पर थिरकते रहे उरांव समाज के लोग

Jashpuranagar News - कर्मा त्यौहार का में उरांव समाज। भास्कर संवाददाता | जशपुरनगर शुक्रवार से शनिवार तक लगातार 36 घंटे लोक रंग के...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:00 AM IST
Jashpur News - chhattisgarh news people started from flag establishment people of oraon community kept shouting at folk songs throughout the night
कर्मा त्यौहार का में उरांव समाज।

भास्कर संवाददाता | जशपुरनगर

शुक्रवार से शनिवार तक लगातार 36 घंटे लोक रंग के अदभुत नजारे नगर के तेतरटोली से लेकर महाराजा चौक तक देखने को मिले। पारंपरिक दशई करमा में उरांव समाज के लोग विभिन्न कामनाएं लिए करम राजा की उरांव पद्धति और रीति-रिवाज से पूजा की।

महाेत्सव में शामिल पूर्व अाजाक मंत्री गणेश राम भगत ने बताया कि मां पार्वती भगवान महादेव को पाने के लिए व्रत की थीं। किशोरी अच्छे वर की प्राप्ति के लिए भी यह व्रत करती हैं। करमा उत्सव में हजारों की संख्या में समाज के लोग जुटे। रात भर उरांव समाज के लोग लोक गीतों पर थिरकते रहे। पूरा अंचल मांदर और मंजीरे की झंकार के साथ करमा गीतों से गूंजता रहा। करमा पूजा उत्सव की शुरुआत झंडा स्थापना के साथ हुई। इसके बाद समाज के लोग करमा राजा की स्थापना के लिए करम डाल लेने जंगल गए। कार्यक्रम में विधि-विधान से पूजा करा कर करम राजा को स्थापित किया। व्रतियों ने पूरी श्रद्धा के साथ इस पूजा को पूरा किया और लोक रंग में ही शनिवार सुबह विर्सजन यात्रा निकाली और करम डार को बड़ा तालाब प्रवाहित किया गया। कार्यक्रम में डॉ कांति प्रधान, रामप्रकाश पांडेय, डॉ.आरएल भगत, राधेश्वर भगत, सत्य प्रकाश तिवारी, लालदेव भगत, संजय पाठक, सुशीला देवी, करूणा भगत, उमेश भगत, सिया राम, रामकुमार राम, प्रभात भगत सहित बड़ी संख्या में उरांव समाज के प्रतिनिधि व समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

करमा कर्म का एवं धरमा धर्म का प्रतीक : विधायक रामपुकार

करमा उत्सव में मांदर की थाप पर थिरके विधायक

भास्कर संवाददाता | पत्थलगांव

पाकरगांव के डुमरमुडा में करमा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। उत्सव के मुख्य अतिथि विधायक रामपुकार सिंह आदिवासी वेशभूषा में पहुंचे और गले मे मांदर लटकाकर करमा स्थल पर थिरकने लगे। इनके साथ ग्रामीण महिलाओं ने भी पारंपरिक नृत्य किया। उन्होंने कहा कि करमा का त्यौहार आदिवासी समाज द्वारा आदिकाल से मनाया जा रहा है।

उन्हों ने पर्व के संबंध में बताया कि आदिवासियों में करमा एवं धरमा नाम के दो भाइयों का राज्य चलता था। करमा कर्म का प्रतीक के रूप मे जाना जाता था, वहीं धरमा को धर्म का रक्षक के रूप मे आदिवासी समाज के लोग पूजते थे। जो आज भी जारी है। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष पवन अग्रवाल, नजीर साय निकुंज, महेन्द्र अग्रवाल, धनमती प्रधान, कुलविंदर सिंह भाटिया, प्रवीण शर्मा, सरपंच पटेल टोप्पो, सुरेन्द्र तिर्की, दीवान साय कुजूर, करमा महोत्सव के अध्यक्ष सुखीराम एक्का के साथ ग्रामीण सैकडों की संख्या में उपस्थित थे।

कार्यक्रम में पहुंचे विधायक रामपुकार सिंह।

नृतक दल पुरस्कृत

करमा महोत्सव में अतिथियों ने नृतक दल के सभी सदस्यों को पुरस्कृत किया। जहां प्रथम स्थान पर डोंगीदरहा का नृतक दल रहा। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले बच्चों के अलावा करमा दल के नृतकों का सम्मान किया था।

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