- Hindi News
- National
- Pathalgaon News Chhattisgarh News Shivnath Bus Changed Its Path By Taking The Young Man Midway
युवक को बीच रास्ते उतारकर शिवनाथ बस ने फिर बदला अपना रास्ता
शिवनाथ बस के कर्मचारियों ने एक बार फिर शहर के युवक को बीच रास्ते में उतारकर अपना रास्ता बदल लिया। रायपुर से पत्थलगांव तक का किराया लेकर शिवनाथ बस के कर्मचारियों ने युवक को लैलूंगा मे ही उतार दिया, जिसके बाद युवक को भोर के अंधेरे मे काफी परेशानियों का सामना करना पडा। वह जैसे तैसे लोगो की मदद से पत्थलगांव पहुंचा।
शिवनाथ बस में रायपुर से पत्थलगांव तक यात्रा करने वाले यात्रियों को बीच रास्ते मे उतारने की यह कोई पहली घटना नहीं है। पांच दिन पहले भी एक महिला के साथ बस के कर्मचारियों ने अभद्र व्यवहार करते हुए उसे भी लैलूंगा में उतार दिया था। जिसके बाद महिला यात्री को काफी परेशानी उठानी पड़ी थी। इस बात की शिकायत महिला के परिजनों ने परिवहन विभाग के अधिकारी के पास भी की थी।
जिसके बाद परिवहन अधिकारी ने शिकायत पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बाद भी शिवनाथ बस के संचालक व कर्मचारी अपनी आदतों से बाज नही आ रहे है। 9 मार्च की सुबह शिवनाथ बस के संचालक कर्मचारियों ने शहर के युवक दिवाकर अग्रवाल को बीच रास्ते लैलूंगा मे ही उतार दिया। दिवाकर अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने जब बस के कर्मचारियों को बीच रास्ते मे उतारने का कारण पूछा तो उन्होंने बस पत्थलगांव ना जाने की बात कहकर उसके सामान को लैलूंगा में ही
उतार दिया।
प्रकाशित खबर दैनिक भास्कर इंपैक्ट।
जिसके बाद परिवहन अधिकारी ने शिकायत पर संज्ञान लेकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बाद भी शिवनाथ बस के संचालक व कर्मचारी अपनी आदतों से बाज नही आ रहे है। 9 मार्च की सुबह शिवनाथ बस के संचालक कर्मचारियों ने शहर के युवक दिवाकर अग्रवाल को बीच रास्ते लैलूंगा मे ही उतार दिया। दिवाकर अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने जब बस के कर्मचारियों को बीच रास्ते मे उतारने का कारण पूछा तो उन्होंने बस पत्थलगांव ना जाने की बात कहकर उसके सामान को लैलूंगा में ही
उतार दिया।
जिसके बाद उसे भी मजबूरन बस से उतरना पडा। बस के कर्मचारियों से जब इस संबंध मे चर्चा करनी चाही तो उनका रवैया यात्रियों के प्रति सही नही था, जिसके कारण कुछ यात्री चाहकर भी विरोध नही कर सके।
रूट परमिट की जांच नहीं
जिले से लंबी दूरी तक चलने वाली अधिकांश बसें अपने निर्धारित रूट से अलग हटकर चलाई जा रही है। बताया जाता है कि ऐसा करने से बस संचालकों को कम दूरी तय कर यात्रियों से अधिक किराया वसूला जा है। शहर के लोगों ने जिले के परिवहन अधिकारी से लंबी दूरी का सफर तय करने वाली रात्रि कालिन बसों का रूट परमिट जांच कर उन्हें अपने निर्धारित रूट से चलाने की मांग की है। जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने मे किसी प्रकार के धोखाखड़ी का शिकार ना होना पडे।
नियमों को ताक मे रखकर चल रही बसें
बसों में सवारियों के साथ होने वाले अमानवीय व्यवहार के कारण पिछले कुछ दिनों पहले परिवहन विभाग ने बसों में किराए की सूची एवं सीसीटीवी कैमरे लगाने का कठोर प्रावधान किया है, लेकिन समय बीतने के साथ ही ये सभी नियमों को ताक में रखकर बसों का संचालन किया जा रहा है। यही वजह है कि बस कर्मचारी हमेशा यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।