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परी बनकर बेटियों ने बिखेरा जलवा, कंजूस पिता व नखरीली बेटी के नाटक ने हंसाया

2 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | पत्थलगांव

अग्रसेन भवन मेंे आयोजित पापा की परी नामक कार्यक्रम में रूही आयुष गर्ग ने सबका मन मोह लिया। इनका अभिनय देखने के बाद लोग हंस हंसकर लोटपोट हो गए। आयुष ने कंजूस पिता की भूमिका निभाई। वही उनकी बेटी ने तीखी छोरी का अभिनय निभा रही थी। दोनों पिता-पुत्री ने मिलकर अग्रसेन भवन का मंच हंसी के ठहाकों से गूंजा दिया। इनके अभिनय की तरह ही दूसरे स्थान पर रहने वाली शिप्रा सुनील गर्ग की जोड़ी ने समाज को बेटी की अभिलाषा बताई। उन्होंने अपने अभिनय से शादी से पहले व शादी के बाद बेटी की चाह को बताया। जिसकी समाज के लोगो ने काफी प्रशंसा की।

शिपरा एवं पिता के रूप में रहने वाले सुनील गर्ग ने अपने अभिनय के माध्यम से बताया कि जिस बेटी की चाहत शादी से पहले अपने माता-पिता से कई अनमोल वस्तुओं को लेने की होती है। वह शादी कर ससुराल जाने के बाद किस तरह अपने माता-पिता का एक-एक रुपया बचाने की जुगत में जुड़ जाती है। इस अभिनय से बेटी की अभिलाषा प्रदर्शित हो रही थी। जिसे देखने के बाद कई महिलाओं की आंखें नम हो गई। वही पापा की परी नामक इस कार्यक्रम मे तीसरे स्थान पर आने वाली काश्वी प्रवीण गर्ग की जोड़ी ने देश के जवानों पर अपना अभिनय प्रस्तुत किया था। दरअसल काश्वी अपने पिता से बड़ी होकर नेवी में जाने की जिद करती है। जिस पर पिता आए दिन सैनिकों के शहीद होने की बात सेाचकर उनका मन भारी हो जाता है तब बेटी का अभिनय निभा रही काश्वी ने शहीदों की बेटी का हवाला देकर उनकी अभिलाषा अपने पिता के समक्ष पेश की। जिसके बाद नाट्य रूपांतरण के रूप मे पिता बने प्रवीण ने अपनी बेटी की बात को सही मानकर उसे इंडियन नेवी ज्वाइन करने का आदेश दे देते हैं। इस अभिनय से पिता-पुत्री ने देश में शहीद होने वाले सैनिकों के बच्चों की व्यथा पर प्रकाश डालने की कोशिश की।

मास्टर शेफ के विजेता प्रतिभागी।

मास्टर शेफ में पिंकी-चंचल की जोड़ी रही अव्वल

अग्रसेन भवन में बुधवार की शाम एक से बढ़कर एक कार्यक्रम हुए। इन कार्यक्रमों में महिलाओं की पसंदीदा मास्टर शेफ कार्यक्रम भी हुआ। इसमें मास्टर शेफ के विजेता विजय शर्मा मौजूद रहे। प्रतियोगिता में समाज की महिलाओं ने अपनी योग्यता के अनुसार तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन बनाए। प्रतियोगिता के तमाम नियम एवं शर्तों पर खरा उतरते हुए बेहतरीन कुक का खिताब पिंकी एवं चंचल की जोड़ी ने जीता। वही दूसरे स्थान पर माही शीतल की जोड़ी रही। उन्होंने भी अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए एक से बढ़कर एक लजीज पकवान तैयार किए। तीसरा स्थान खुशबू नूपुर गोयल के नाम रहा। इनकी जोड़ी ने मारवाड़ की प्रसिद्ध कढ़ी खिचड़ी के अलावा कई व्यंजन बनाए थे।

पापा की परी नाटक की प्रस्तुति देती पिता-पुत्री की जोड़ी।

आनंद मेला अाज

अग्रवाल महिला मंडल द्वारा शुक्रवार को अग्रसेन भवन में आनंद मेला का आयोजन किया गया है। मेले को कुल 9 ग्रुप में बांटा गया है। इसके अलावा म्युजिकल हौजी, केक सजाओ, फेंटा पिओ जैसे कार्यक्रम हाेंगे। अग्रवाल महिला मंडल की संरक्षक चंदा गर्ग, अध्यक्ष अर्चना गर्ग, उपाध्यक्ष पूजा अग्रवाल ने बताया कि आनंद मेला में इस बार तरह-तरह के स्वादिष्ट व्यंजन के स्टाॅल लगाए जाएंगे। जिसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों का चयन लाटरी के माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा आनंद मेला के दौरान यहां मौजूद अग्र बंधुओं के बीच से किंग व क्वीन ऑफ आनंद मेला का विजेता भी चुना जाएगा।

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