पालिका की आर्थिक स्थिति खराब बच्चों के लिए नहीं लगा पा रहे झूले, फिसलपट्‌टी

Jashpuranagar News - भास्कर संवाददाता | जशपुरनगर शहर में बच्चों के मनोरंजन के लिए अब कुछ नहीं बचा है। शहर के एकमात्र बालोद्यान में...

Jan 16, 2020, 07:10 AM IST
Jashpur News - chhattisgarh news the financial condition of the municipality is not able to provide swing for poor children slippery
भास्कर संवाददाता | जशपुरनगर

शहर में बच्चों के मनोरंजन के लिए अब कुछ नहीं बचा है। शहर के एकमात्र बालोद्यान में बच्चों के मनोरंजन व खेलने कूदने के लिए लगाए गए सभी उपकर बेकार हो चुके हैं। यहां के झूले टूटे हुए हैं, दोनों फिसल पटि्टयों में छेद है। बच्चों के लेकर पार्क पहुंचने वाले अभिभावक मायूस होकर लौट रहे हैं। बच्चों के लिए बना पार्क अब सिर्फ बुजुर्गों के टहलने का स्थान बन गया है। सीएमओ का कहना है कि नगरपालिका के पास नई सुविधाएं जुटाने के लिए राशि उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में नगर पालिका की आर्थिक हालत इतनी ज्यादा खराब है कि पार्क के माली को वेतन देना भी मुश्किल हो रहा है।

नगर में बच्चे व बड़े लोगों के घूमने के लिए दो पार्क हैं, रानीसती पार्क और बाला साहब देशपाण्डेय बालोद्यान। तालाब के बीच टापू में स्थित रानीसती पार्क मेें जाकर लोग सिर्फ पानी के बीच घांस या गार्डन चेयर में बैठने का आनंद ले सकते हैं। इधर बालोद्यान सिर्फ नाम का बालोद्यान रह गया है। वर्तमान में यहां जो सुविधाएं हैं वह बड़ों के लिए है। बच्चों के मनोरंजन के लिए बालोद्यान के एक कोने में झूले लगे जरूर हैं पर अब वे कबाड़ हो चुके हैं। बच्चें ना तो फिसलपट्टी का आनंद ले सकते हैं और ना ही कोई और खेल खेल सकते हैं। झूलों के टूटे होने के कारण इस बालोद्यान में बच्चों की चहल-पहल भी अब हो गई है।

विडंबना
पुराने झुले और फिसलपट्‌टी जर्जर इसलिए गार्डन में बच्चों को घुमाने आ रहे अभिभावक मायूस होकर लौट रहे

फिसलपट्‌टी में छेद।

नई नगर सरकार से चिल्ड्रन पार्क की उम्मीद

शहर में नई सरकार बन चुकी है। इस नई नगर सरकार से लोगों को चिल्ड्रन पार्क की उम्मीद है। पार्षदों द्वारा नरेशचंद्र साय को नगर पालिका का नया अध्यक्ष चुना गया है। नरेशचंद्र साय ने भास्कर से हुई बातचीत में शहर में चिल्ड्रन पार्क की कमी को पूरा कराने की बात कही है। अब जनता यही उम्मीद लगा बैठी है कि जल्द से जल्द शहर में चिल्ड्रन पार्क बने। ज्ञातव्य हो कि चार साल पहले चिल्ड्रन पार्क के लिए टेंडर हो चुका था। चिल्ड्रन पार्क के लिए 2.21 करेाड़ की स्वीकृति पिछली सरकार ने दी थी। बताया जाता है कि जमीन आवंटन के कारण पार्क का काम अटका हुआ था। वर्ष 2017 में पार्क के लिए जिला प्रशासन ने नगर पालिका को जमीन का आवंटन कर दिया था। जमीन आवंटन के बाद वर्ष 2018 में रायपुर के आर्किटेक्ट ने ड्राइंग डिजाइन के लिए स्थल निरीक्षण भी किया था। पर इसके बाद चिल्ड्रन पार्क के लिए कहीं से कोई पहल नहीं हुई है।

गार्डन के टूटे झूले अब अनुपयोगी हो गए हैं।


छुटि्टयों में जब पार्क जाना हो तो लोगों को झारखंड जाना पड़ता है। पड़ोसी जिला गुमला में एक बड़ा पार्क है जहां छुटि्टयों के दिन जशपुर के लोगों की संख्या काफी ज्यादा होती है। जो सम्पन्न हैं और परिवार को भरपूर समय दे पाते हैं वे तो बच्चों को घुमाने गुमला पार्क चले जाते हैं पर मध्यमवर्गीय व गरीब तबके के बच्चे इन सब सुविधाओं के लिए तरस कर रह जाते हैं।


बच्चों के मनोरंजन के लिए जशपुर में सुविधाएं वर्तमान में सबसे ज्यादा खराब स्थिति में है। जब जशपुर जिला नहीं बना था उस वक्त जशपुर में दो पार्क हुआ करते थे। तीन दशक पहले जशपुर में मस्जिद के सामने एक पार्क था जिसे हटाकर वहां काॅम्पलेक्स का निर्माण कर दिया गया। इसके बाद रानीसती पार्क में भी झूले लगाए गए थे। इस स्थान से भी बच्चों के लिए लगे झूले हटा दिए गए है और खाली बची जगह को शादी ब्याह की पार्टियों के लिए किराए पर दिया जाता है। जशपुर के युवा जब बच्चे थे तो उन्होंने शहर के भीतर पार्क व झूलों का लुफ्त उठाते हुए बचपन बिताया है। पर आज के बच्चे इन सब सुविधाओं से दूर हो गए हैें।

आय के स्त्रोत कम, राशि उपलब्ध नहीं हो पा रही


Jashpur News - chhattisgarh news the financial condition of the municipality is not able to provide swing for poor children slippery
X
Jashpur News - chhattisgarh news the financial condition of the municipality is not able to provide swing for poor children slippery
Jashpur News - chhattisgarh news the financial condition of the municipality is not able to provide swing for poor children slippery
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना