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गोठान वाले गांवों में बढ़ा रबी खेती के प्रति रुझान
शासन की सुराजी ग्राम योजना के चलते जिले के गोठान वाले गांवों में रबी की खेती की ओर किसानों का रुझान बढ़ा है। यही वजह है कि इस साल रबी के क्षेत्रों में 1 हजार 651 हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी हुई है। जिले में अभी मक्का, मूंग, उड़द की बुआई जारी है।
इससे गोठान गांवों में रबी के क्षेत्रों 2 हजार हेक्टेयर से भी अधिक की बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। बीते रबी सीजन में जिले इन्हीं ग्रामों में मात्र 2967 हेक्टेयर रकबे में फसल ली गई थी। इस साल लगभग 2 हजार हेक्टेयर से अधिक की वृद्धि के चलते जिले के गौठान गांवों में रबी की फसलों की खेती का रकबा 5 हजार हेक्टेयर से अधिक हो जाएगा। उपसंचालक कृषि एमआर भगत ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार गोठान गांवों में नरवा, गरुवा, घुरवा, बाड़ी के चलते कृषकों को रबी फसलों की खेती करने के साथ-साथ साग-सब्जी खेती के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया गया।
गोठान वाले गांवों में कृषि विभाग ने प्लानिंग के साथ किसानों को आवश्यक मार्गदर्शन देने के साथ ही कृषि आधारित अन्य गतिविधियां शुरू की गई। जिसका परिणाम यह है कि किसानों का रुझान रबी की खेती की ओर बढ़ा और वे गेहूं के साथ-साथ मक्का, मूंग, उड़द, मंूगफली, चना आदि की खेमी करने लगे हैं। गाेठानों में कृषि विभाग द्वारा वर्मी बेड एंव वर्मी टांका का निर्माण कराया गया जहां गाेठान से जुड़े समूह जैविक खाद का उत्पादन करने लगे हैं।
इससे कृषकों को सहजता से रियायती दर पर उपलब्ध वर्मी कम्पोस्ट खाद का उपयोग खेती में होने लगा है।
पत्थलगांव ब्लाॅक में सबसे अधिक रबी की खेती
जशपुर ब्लाॅक के 7 गोठान वाले गांव गम्हरिया, बोकी, झरगांव, बाम्हपुरा, पुत्रीचैरा, लोदाम एवं पोरतंेगा में 239 हेक्टेयर में रबी की फसलों की खेती हो रही है। इसी मनोरा ब्लाॅक के गांव गेढ़ई, सोनक्यारी, गरियाटोली, गीधा, बिरला आदि ग्रामों में इस साल 68 हेक्टेयर, दुलदुला ब्लाॅक के 5 गोठान गांवों में 232 हेक्टेयर, कुनकुरी के 8 गोठान ग्रामों में 164 हेक्टेयर, कासंाबेल के 5 गोठान गांवों में 246.31 हेक्टेयर, फरसाबहार के 9 गोठान गांवों में 236, बगीचा के 15 गोठान ग्रामों में 287.4 तथा पत्थलगांव के 11 गौठान ग्रामों में 3129.5 हेक्टेयर में रबी फसलों की खेती हो रही है।
खेत में काम करते किसान।