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बीआरसी ने सोशल मीडिया में फैला दी कोरोना से मौत की अफवाह, कलेक्टर ने किया सस्पेंड

एक वर्ष पहले
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जितनी तेजी से कोरोना का संक्रमण नहीं फैल रहा उससे कई गुना तेजी उसकी अफवाह फैलाई जा रही है। इससे लोगों में कोरोना को लेकर दहशत बढ़ती जा रही है। अफवाह फैलाने में न सिर्फ अनपढ़ बल्कि पढ़े लिखे लोग भी शामिल हैं। एेसे में शिक्षा विभाग के बीआरसी ने भी गैर जिम्मेदाराना कार्य करते हुए अफवाह सोशल मीडिया से पूरे जिले में फैला दी। इसे लेकर पहले तो लोग बीआरसी को ट्रोल करने लगे। देखते ही देखते इस पर बहस छिड़ गई। बीआरसी द्वारा की गई भ्रामक पोस्ट जब जिला प्रशासन तक पहुंची तो कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से बीआरसी को सस्पेंड कर दिया।

दरअसल नरहरपुर विकासखंड में पदस्थ खंड स्रोत समन्वयक( बीआरसी) हिमन कोर्राम व्याख्याता ने होली के दूसरे दिन 11 मार्च को अपने मोबाइल से सरोना के साथी ग्रुप में कोरोना को लेकर एक भ्रामक पोस्ट शेयर की। इसमें लिखा था कि पंडरीपानी निवासी मंगलू राम पिता तुलसीदास की कोरोना की चपेट में आने से अचानक मौत हो गई। चिकित्सक इसका कारण चिकन खाना मान रहे हैं क्योंकि मंगलू ने चिकन खाया था। उसके बाद उल्टी दस्त शुरू हो गई थी। बीआरसी ने अपने पोस्ट में यह भी गलत लिखा कि बीमार मंगलू को अस्पताल ले जाने की जगह आंगनबाड़ी ले जाया गया जहां उसकी मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया। इसकी रिपोर्ट में कोरोना वायरस पाया गया। इसीलिए हेल्थ डिपार्टमेंट सभी को आग्रह कर रहा है कि ब्रायलर चिकन का सेवन अभी न करें। इतना ही नहीं उक्त अफसर ने पूरी बातों को स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जनहित में जारी बता दिया। इस पोस्ट के वायरल होने के बाद जिले में हडक़ंप मच गया। कुछ लोग तो समझ गए कि यह अफवाह ही है। लेकिन कई लोग बीआरसी जैसे जिम्मेदार अधिकारी द्वारा पोस्ट किए जाने से उसे सही समझ बैठे। इससे कांकेर में दहशत फैलने लगी थी। जबकि जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि ऐसा कोई मामला ही नहीं आया है।

अफवाह के जवाब में बीआरसी का निलंबन आदेश हुआ वायरल: कलेक्टर केएल चौहान ने बीआरसी हिमन कोर्राम को सोशल मीडिया का दुरूपयोग करने तथा सिविल सेवा आचरण नियम का उल्लंघन के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। उसे नरहरपुर से हटाकर चारामा खंड शिक्षा कार्यालय में अटैच किया गया। इस दौरान जीवन निर्वाह भत्ता देने का आदेश किया गया है। इसके बाद बीआरसी द्वारा किए गए भ्रामक पोस्ट के जवाब में उसका यह निलंबन आदेश वायरल होने लगा।

मुर्गा विक्रेताओं ने एफआईआर दर्ज करने मांग की


जिले में एेसा कोई मामला नहीं: पशु चिकित्सक कांकेर डा प्रीति नेगी बताया कि पोल्ट्री में कोरोना वायरस को लेकर जिले में एेसा कोई मामला अब तक सामने नहीं आया है। ना इसे लेकर अब तक विभाग ने कोई आदेश जारी किया है।


अफवाह फैलाई तो होगी एफआईआर: कलेक्टर केएल चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस को लेकर बीआरसी द्वारा अफवाह फैलाने के कारण उसे सस्पेंड किया गया है। यदि कोई इस तरह से अफवाह फैलाता है और शिकायत मिलती है तो एफआईआर कराएंगे।

ब्रायलर मुर्गा को कोरेना वायरस से जोडक़र अफवाह फैलाने से इसकी बिक्री लगभग बंद हो गई है। इससे चिकन व्यवसाय पर बुरा असर पड़ रहा है। विक्रेता भी खासे परेशान हैं। इसे देखते डेली मार्केट स्थित मटम मुर्गा मार्केट के विक्रेताओं ने सोशल मीडिया में अफवाह फैलाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने शिकायत पत्र सौंपी। शिकायत में दो मोबाइल नंबर का भी उल्लेख किया गया है। एक बीआरसी हिमन कोर्राम तथा एक अन्य का है। शिकायत करने वालों में तोमेश्वर साहू, टिंकू साहू, कामरान कुरैशी, निजाम खान, रफीक खान, अमजद खान समेत अन्य शामिल हैं।


अफवाह फैलाने वालों पर एफआईआर की मांग लेकर थाना पहुंचे लोग।

बीआरसी हिमन ने सोशल मीडिया में शेयर की थी यह पोस्ट।
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