ओलों ने 40 हेक्टेयर में बर्बाद किया मक्का
गत सप्ताह बेमौसम बारिश तथा ओलावृष्टि से फसल नुकसान का सर्वे कृषि विभाग ने कर लिया है। सर्वे में सबसे ज्यादा नुकसान मक्का फसल को होना पाया गया। इसके अलावा दलहन, तिलहन फसल को भी नुकसान हुआ है लेकिन मुआवजा सिर्फ मक्का फसल को हुए नुकसान पर ही मिल पाएगा।
बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से फसल नुकसान का सर्वे कृषि विभाग की टीम ने कर लिया है। प्रभावित किसानों के नाम और फसल का रकबा के साथ रिर्पोट तैयार करते इसे राहत शाखा में जमा कर दिया गया है। रिर्पोट के अनुसार जिले में 40.17 हेक्टयर मक्का फसल को नुकसान हुआ है। कुल 81 किसानों के मक्का फसल को नुकसान होना पाया गया जिसमें सबसे ज्यादा किसान कोयलीबेड़ा विकासखंड के हैं। यहां के 52 किसानों का 18.33 हेक्टयर मक्का फसल को नुकसान हुआ है। अंतागढ़ विकासखंड में 7 किसानों के 9 हेक्टयर, चारामा विकासखंड में 10 किसानों के 4.24 हेक्टयर, नरहरपुर विकासखंड में 6 किसानों के 2.2 हेक्टयर तथा कांकेर विकासखंड में 6 किसानों के 6 हेक्टेयर मक्का फसल को नुकसान हुआ है। कुछ किसान एेसे भी हैं जिनके 3 से 4 हेक्टयर मक्का फसल को नुकसान हुआ है।
दलहन तिलहन को भी हुआ है नुकसान
दलहन तिलहन की फसल को नुकसान हुआ है। दलहन, तिलहन फसल में चना, मूंग, मटर फसल को काफी ज्यादा नुकसान हुआ है। बेमौसम बारिश में चना फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। नवागांव भावगीर के किसान मनोज साहू ने कहा उन्होंने 5 एकड़ में चना फसल लगाया था जिसमें से तीन एकड़ फसल खराब हो गई।
मक्का फसल को हुआ है सबसे ज्यादा नुकसान
कांकेर कृषि सहायक संचालक सूरज पंसारी ने कहा कि बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि से 40 हेक्टयर से ज्यादा मक्का फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है।
कांकेर. ओले और बारिश के कारण खेतों में गिरी मक्का फसल।