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मवेशी लदी गाड़ियां रोको नहीं तो आंदोलन
नरहरपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत घोटियावाही के सरपंच, पंच, ग्राम वासियों ने मुसुरपुट्टा मवेशी बाजार में मवेशी लेकर आने ले जाने वाले वाहनों पर रोक लगाने के लिए एकजुट हो गए हैं। धमतरी जिले से मवेशी लेकर जामगांव, घोटियावाही, खजरावन, दुधावा एकल मार्ग से होते हुए मुसुरपुट्टा मवेशी बाजार लाकर छोड़ते हैं।
इसी रास्ते से वापस लौटते हैं। सिंगल रोड है फिर भी चालक तेज रफ्तार से गाड़ी चलाते हैं। वहीं किसी और वाहन चालक को साइड नहीं देते। इसके चलते अक्सर वाद-विवाद होता है। बीते 9 मार्च को दुधावा बांध के पास मवेशी भर कर आ रहे पिकअप वाहन की टक्कर से धरसापारा मुसुरपट्आ के कमलेश कुमार की मौत हो गई। हादसे के बाद पिकअप चालक फरार हो गया। ग्रामीणों ने कहा अगर इन वाहनों की आवाजाही नहीं रोका जाएगा, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।पूर्व सरपंच कन्हैया नेताम ने कहा कि वह खुद इन तेज रफ्तार गाड़ियों की चपेट में आने से बाल-बाल बचे हैं। इन पर रोक लगाना जरूरी है, अगर नहीं रोका गया तो कई लोग हादसे का शिकार हो सकते हैं।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य हीरा मरकाम ने कहा कि जामगांव से दुधावा एकल मार्ग है। बच्चे पढऩे के लिए दुधावा जाते हैं। ग्राम घोटियावाही, गहरीनबांधा, महेशपुर खजरावन देवडोगर के लोग अपने काम से दुधावा इसी मार्ग से होकर जाते आते हैं। वे आए दिन इन्हीं वाहनों की चपेट में आते रहते हैं। मवेशी वाहनों पर रोक नहीं लगाया गया तो आंदेालन किया जाएगा।
रास्ते में मरने वाले जानवरों को छोड़ दिया जाता है
ग्रामीणों ने कहा कोचिए भी निशक्त जानवरों को पैदल चलाकर लाते हैं, जो जानवर नहीं चल पाते उसे छोड़ देते हैं। जानवर भूखे प्यासे मर जाते हैं। मर जाने के बाद आसपास के लोग बदबू के कारण परेशान रहते हैं। मवेशी वाहनों में भी निशक्त जानवरों को भरकर लाते हैं। लाते-लाते रास्ते में दम तोड़ देते हैं, मरे हुए मवेशियों को रास्ते में ही छोड़ देते हैं।
घोटियावाही के ग्रामीणों ने मवेशी वाहनों पर रोक लगाने की मांग की।