पखांजूर अस्पताल में चार महीने से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं, बाहर से खरीद रहे

Kanker News - सिविल अस्पताल पखांजूर में 4 महीने से एंटी-रेबीज के इंजेक्शन न होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा...

Oct 13, 2019, 07:20 AM IST
सिविल अस्पताल पखांजूर में 4 महीने से एंटी-रेबीज के इंजेक्शन न होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गरीब लोग कुत्ते या बंदर काटने के शिकार होने पर इंजेक्शन लगाने बड़ी उम्मीद से पहुंचते हैं। अस्पताल में इंजेक्शन नहीं होने से निजी दुकानों में भारी रकम खर्च कर इंजेक्शन लगवाना पड़ रहा है।

क्षेत्र के सबसे बड़े सिविल अस्पताल पखांजूर में विगत 4 महीने से एंटी-रेबीज इंजेक्शन नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में इंजेक्शन न होने के कारण उम्मीद से आए गरीब लोगों को महंगे इंजेक्शन के लिए बाजार भेज दिया जाता है। ऐसे में कई मरीज तो पैसे के अभाव में एक दो इंजेक्शन लगा कर ही अपना इलाज बंद करा देते हैं। कुत्ता या बंदर के अलावा किसी भी जंगली-जानवर के हिंसा के शिकार हुए लोगों को इस इंजेक्शन को लगाया जाता है, ताकि उसे रेबीज रोग न हो। इसके लिए उस मरीज को कम से कम 5 इंजेक्शन लगा कर कोर्स पूरा करना होता है। अस्पताल में यह इंजेक्शन उपलब्ध न होने के कारण लोगों को बाजार से चार सौ रुपए की दर से एक-एक इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है।

4 सौ रु. में 1 इंजेक्शन खरीदने की मजबूरी

मरीज राधेश्याम मंडल ने बताया उन्हें कुत्ते ने काट दिया, जब वे अस्पताल पहुंचे तो उन्हें उम्मीद थी कि अस्पताल से इंजेक्शन मिल जाएगा, लेकिन डॅाक्टर ने कब कब इंजेक्शन लगाना है इसकी पर्ची बनाकर भेज दिया। जब वे इंजेक्शन रूम गए तो उन्हें बताया गया कि इंजेक्शन नहीं हैं। वे बाजार से खरीद कर लाएं, उन्हें यहां लगा दिया जाएगा। अब मजबूरी में वे इंजेक्शन चार सौ की दर से खरीद रहे हैं।

शासन को मांग पत्र भेजा गया है: बीएमओ

सिविल अस्पताल प्रभारी व बीएमओ डॅा दिलीप सिन्हा ने बताया वर्तमान में सिविल अस्पताल के अलावा ब्लॉक के किसी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी यह इंजेक्शन चार माह से नहीं है। ऐसे में मरीजों को बाजार से खरीद कर ही लगाना पड़ रहा है। जिले में इंजेक्शन की मांग करते हुए मांग पत्र भेजा गया है। आते ही मरीजों के लिए निशुल्क इंजेक्शन उपलब्ध हो जाएगा।

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