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उलटा पड़ा दांव, भागे नक्सलीखतरनाक हाफ सर्कल एंबुश लगा किए 8 बम विस्फोट

2 वर्ष पहले
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परतापुर थानांतर्गत सडक़ निर्माण कार्य में लगे लोगों को सुरक्षा देने निकले बीएसएफ जवानों पर घात लगाए नक्सलियों ने हमला कर दिया। नक्सलियों ने जवानों को घेरने के लिए बेहद खतरनाक माने जाने वाला हाफ सर्कल एंबुस लगाकर सडक़ के एक किनारे पर 400 मीटर तक 12 बम प्लांट किए थे। वे 8 बमों में विस्फोट करने में सफल भी हुए लेकिन एक भी जवान उनके टार्गेट में नहीं आया। उल्टे जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते महज 20 मिनट में ही बड़े हमले को नाकाम करते नक्सलियों जान बचा कर भागने मजबूर कर दिया। फोर्स का कोई जवान घायल तक नहीं हुआ।

फोर्स सड़क निर्माण में सुरक्षा देने सोमवार सुबह 10.30 बजे मुसुरघाट के करीब हाफ सर्कल एंबुस लगाए बैठे नक्सलियों ने एक के बाद एक 8 विस्फोट करते फायरिंग शुरू कर दी। फोर्स ने मोर्चा लेते जवाबी कार्रवाई की। मौके से 250 मीटर वायर के अलावा चार जिंदा बम भी बरामद हुआ।

महला कैंप पर
चौथा बड़ा हमला


पहला- 23 अप्रैल 2018 को महला कैंप से निकले जवानों पर किया था जिसमें बीएसएफ का एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया था।

दूसरा - 15 जुलाई 2018 को कैंप से गश्त में निकले जवानों को एंबुश में फंसा किया था जिसमें दो जवान शहीद हुए।

तीसरा- 4 अप्रैल 2019 को कोयलीबेड़ा परतापुर सडक़ निर्माण कार्य को सुरक्षा देने निकले जवानों पर कटगांव के पास जिसमें 4 जवान शहीद हुए।

जवानों का हौसला देख भाग गए नक्सली

पखांजूर एएसपी राजेंद्र जयसवाल ने बताया पुलिस व बीएसएफ जवानों ने मिलकर नक्सलियों के बड़े हमले को 20 मिनट में ही विफल कर दिया। जवानों का हौसला देख नक्सली भाग खड़े हुए। हमारा कोई जवान घायल भी नहीं हुआ।

अलग-अलग टुकड़ियों में बंटी थी फोर्स, घिर गए नक्सली

सडक़ निर्माण को फोर्स रोज सुरक्षा देने जाती है जिस पर नक्सलियों की नजर थी। बड़े हमले की तैयारी कर बम का जाल बिछाया। हमले के लिए पहाड़ी पर मोर्चा बनाया। नक्सलियों को उम्मीद थी फोर्स पहाड़ी के करीब से गुजरेगी लेकिन सोमवार को फोर्स यहां पहुंचने के बाद अलग अलग टुकड़ी में बंट पहाड़ी के अगल बगल से गुजरने लगी। नक्सलियों ने पहले फोर्स की पहली टुकड़ी को देख विस्फोट किया जिसकी अवाज सुन पहाड़ी के अगल बगल से गुजर रहे जवानों ने भी मोर्चा लेते फायरिंग शुरू कर दी। उल्टे नक्सली घिर गए और भागने लगे।

हर मोर्चा को थी चार बम विस्फोट की जिम्मेदारी

नक्सलियों ने पहाड़ी में तीन अलग अलग मोर्चा बनाए थे। सभी मोर्चा को चार चार बम विस्फोट करने जिम्मेदारी थी। एक मोर्चा जवानों के हावी होने के कारण विस्फोट नहीं कर पाया। जवानों का हौसला देख उस मोर्चे के नक्सली बम छोड़ भाग गए। मौके से कई जगह पके सादा चावल, फ्राई चावल औऱ वाटर बाटल मिले। फ्राई चावल से आशंका है कि हमले में बड़ी लीडर शामिल था।

मुठभेड़ में जवानों को उकसाने कहते रहे अपशब्द

मुठभेड़ के दौरान फोर्स तथा नक्सलियों के बीच की दूरी महज 50 मीटर हो गई थी। नक्सली जवानों को उकसाने व गुस्सा दिलाकर बाहर निकालने अपशब्द कहते रहे। जवानों ने गुस्से पर काबू रखा और ठंडे दिमाग से लड़ते रहे जिससे नक्सलियों को वहां से भागना पड़ा।

महला-परतापुर सडक़ निर्माण कर रहे लोगों को सुरक्षा दे रही थी फोर्स

राशन-पानी लेकर पहुंचे थे ताकि मुठभेड़ लंबी चले तो देर तक फोर्स से कर सकें मुकाबला400 मीटर तक किए थे 12 बम प्लांट

नक्सलियों ने ऐसे लगा रखे थे फोर्स को उड़ाने बम। फोर्स को सर्चिंग के दौरान मौके से मिले तार।
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