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16 साल की लड़की को 20 की बताकर कर रहे थे उसकी शादी, टीम ने रुकवाई

एक वर्ष पहले
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नाबालिग लड़की की शादी में कोई रूकावट न आए इसको लेकर माता-पिता ने जन्म प्रमाण पत्र में छेडख़ानी कर उसकी उम्र बढ़ा दी। शिकायत पर महिला एवं बाल विभाग ने शादी रूकवाई। प्रशासन की रोक के बाद भी क्षेत्र में नाबालिग लड़के लड़की की शादी के मामले सामने आ रहे हैं।

ऐसा ही ग्राम पीवी 16 में भी 16 साल की नाबालिग लड़की की शादी की तैयारी माता-पिता कर रहे थे। शादी के दौरान किसी ने लड़की की उम्र बढ़ाए जाने की शिकायत जिला महिला बाल विकास अधिकारी से कर दी।

इसके बाद स्थानीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई। दल जब गांव पहुंचा तो परिजन ने पहले जन्मतिथि में छेड़छाड कर उम्र बढ़ाने वाला जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर दिया। लेकिन परिजनों की सारी चालाकी पकड़ी गई और अधिकारियों ने विवाह रूकवा दिया। खास बात यह है कि लड़की के लिए शासन की ओर से न्यूनतम 18 वर्ष की उम्र तय की गई है इसकी जानकारी परिजनों को थी।

स्कूल के दाखिल-खारिज से खुली पोल

पीवी 16 में 12 मार्च को गांव की ही नाबालिग की शादी ग्राम पीवी 34 के युवक प्रल्हाद हाजरा के साथ होना तय हुआ था। किसी ने लड़की की उम्र कम होने की शिकायत जिला अधिकारियों को कर दी। इसके बाद शाम 4 बजे के आसपास पुलिस, महिला एवं बाल विभाग तथा बाल संरक्षण संस्था के दल वाले गांव पहुुंच गए। इसके बाद नाबालिग की शादी न करने को कहा। इसके बाद परिजनों उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक होने की जानकारी दी और इसके पक्ष में लड़की का जन्म प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत किया गया। इसमें उसकी जन्म तिथि 10 मई.2000 लिखी हुई थी, लेकिन अंतिम के अक्षर में कुछ छेडख़ानी की गई है ऐसा दिख रहा था। इसके चलते गांव के स्कूल से दाखिल खारिज मंगाया गया जहां नाबालिग की जन्म तिथि 10 मई 2004 दर्ज थी। परिजनों ने उम्र बढऩे के लिए चार को जीरो बना दिया था, ताकि उसकी उम्र 20 वर्ष हो जाए, जबकि सही उम्र 16 वर्ष से भी कम थी।


प्रमाण-पत्र में लड़की का जन्म साल 2004 दर्ज, इसे कर दिया 2000

मंडप व पंडाल भी हटवाया ताकि शादी न कर दें

बारातियों ने भी अधिकारियों के हाथ पैर जोड़े पर अधिकारियों ने एक नहीं सुनी। प्रशासन के अधिकारियों ने उनके जाने के बाद शादी न करे, इसके लिए लड़की के घर में लगा टैंट और बनाया गया मंडप भी निकलवा दिया। शादी रोकने की िजम्मेदारी ग्रामीणों के साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को दी गई।

नाबालिग शादी के हर साल आते हैं मामले

बाल विकास अधिकारी पखांजूर पुष्पलता नायक ने कहा हर वर्ष एक या दो मामले नाबालिग के विवाह के आते ही हैं। यह पहला मामला है, जहां परिजनों को पूरी जानकारी थी और उम्र छुपाने के लिए कूटरचित प्रमाणपत्र भी बना कर रखा गया था। मामले के खुलासे में रेखा दास महत्वपूर्ण भूमिका में रही।

परिजन छेड़खानी किए गए जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए।
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