बर्खास्त शिक्षक पढ़ाने पहुंचा तो प्राचार्य ने वापस भेज दिया

Kanker News - भास्कर न्यूज | पखांजूर/कांकेर शिक्षक मां की मौत के बाद झूठा शपथ पत्र देकर अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले शिक्षक सूरज...

Jan 16, 2020, 07:10 AM IST
Kanker News - chhattisgarh news when the dismissed teacher reached for teaching the principal sent back
भास्कर न्यूज | पखांजूर/कांकेर

शिक्षक मां की मौत के बाद झूठा शपथ पत्र देकर अनुकंपा नियुक्ति पाने वाले शिक्षक सूरज राय को 9 वर्ष सेवा के बाद 25 अक्टूबर को बर्खास्त कर दिया गया था। जनपद पंचायत कार्यालय से निकला बर्खास्तगी आदेश शिक्षक तक तो पहुंचा लेकिन बीईओ कार्यालय और स्कूल प्राचार्य के पास नहीं पहुंचा जिसके चलते शिक्षक स्कूल पहुंचता रहा और वेतन भी लेता रहा। भास्कर ने पूरे मामले का खुलासा किया। बुधवार को भी शिक्षक स्कूल पहुंचा तो प्राचार्य ने उसे लौटाते कारण बताओ नोटिस थमा दिया। इधर बर्खास्त शिक्षक ने 9 जनवरी को जारी हाईकोर्ट का स्टे आदेश प्राचार्य को प्रस्तुत किया जिसके संबंध में मार्गदर्शन जिला शिक्षा अधिकारी से मांगा गया है।

झूठा शपथ पत्र प्रस्तुत कर अनुकंपा नियुक्ति पाने के मामले में बर्खास्त शिक्षक सूरज राय बुधवार को भी स्कूल पहुंचा। शिक्षक की पोल खुल जाने के कारण प्राचार्य ने बर्खास्त शिक्षक को वापस लौटा दिया। साथ ही शिक्षक को बर्खास्तगी आदेश छुपाने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उक्त शिक्षक के माता-पिता दोनों शिक्षक थे। माता की मृत्यु के बाद बेटे सूरज राय ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। शासन का नियम है अगर पति-प|ी दोनों शिक्षक हैं और दोनों में से किसी एक की मृत्यु हो जाए तो संतान को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिलती। आवेदन के साथ सूरज राय ने शपथ पत्र प्रस्तुत किया था जिसमें उसने माता के शिक्षक होने और मृत्यु होने का उल्लेख किया लेकिन पिता के शिक्षक होने की जानकारी नहीं दी। इस आधार पर उसे अनुकंपा नियुक्ति मिल गई और 9 सालों तक नौकरी कर वेतन लेता रहा। इसी बीच शिकायत होने पर मामले की जांच हुई और जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा द्वारा 25 अक्टूबर को आदेश जारी कर शिक्षक सूरज राय को बर्खास्त कर दिया गया था। 26 अक्टूबर को आदेश की प्रति शिक्षक को दी गई लेकिन उक्त आदेश की प्रति खंड शिक्षाधिकारी और मायापुर स्कूल (जहां शिक्षक पदस्थ था) वहां तक नहीं पहुंची। बर्खास्त होने के बावजूद शिक्षक नौकरी कर वेतन लेता रहा।

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भास्कर के खुलासे के बाद मचा हड़कंप

पूरे मामले का खुलासा करते भास्कर ने बुधवार 15 जनवरी को खबर प्रकाशित की। भास्कर ने एक दिन पहले 14 जनवरी को मामले को लेकर सीईओ जनपद पंचायत, बीईओ और मायापुर स्कूल प्राचार्य से चर्चा की थी। बीईओ ने एक कर्मचारी को जनपद कार्यालय भेजकर बर्खास्तगी के आदेश की प्रति मंगवाई और स्कूल भेजी।

बर्खास्तगी आदेश किसने दबाया, ये जांच का विषय

जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा से 25 अक्टूबर को जारी बर्खास्तगी आदेश खंड शिक्षाधिकारी और प्राचार्य तक कैसे नहीं पहुंचा, यह जांच का विषय है। जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा कार्यालय भ्रष्टाचार का गढ़ है और इस मामले में शिक्षक के साथ कार्यालय कर्मियों की संलिप्तता से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

शिक्षक ने हाईकोर्ट में लगाया मामला

बर्खास्त शिक्षक स्कूल पहुंच नौकरी तो करता रहा लेकिन इसी बीच मामला हाईकोर्ट में दायर कर दिया। हाईकोर्ट से 9 जनवरी को मामले में आगामी सुनवाई तक स्थगन आदेश जारी हुआ था लेकिन बर्खास्त शिक्षक ने उसे भी संबंधितों के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया। बुधवार को मामले का खुलासा होने के बाद प्राचार्य को स्थगन आदेश दिखाया।

शिक्षक के खिलाफ होगी वसूली की कार्रवाई: प्राचार्य

मायापुर हायर सेकेंडरी प्राचार्य एनसी गाइन ने कहा शिक्षक का बर्खास्तगी आदेश नहीं मिला लेकिन शिक्षक को आदेश मिल चुका था। स्कूल को न बताकर शिक्षक नौकरी कर वेतन लेता रहा। उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उसके खिलाफ वसूली कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर के संबंध में अफसरों से चर्चा करेंगे।

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