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180 मवेशी बीमार फिर भी फसल की जांच नहीं

एक वर्ष पहले
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कवर्धा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कन्हाभैरा में बुधवार को सुबह 8 बजे 180 मवेशी मसूर के फसल खाने से बीमार हो गए थे। तब पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने गांव में पहुंच कर बीमार मवेशियाें का इलाज किया। शुक्रवार तक सभी मवेशी स्वस्थ्य है। वहीं 7 मवेशी को विशेष निगरानी में रखा गया है। क्योंकि इन मवेशी में इम्यूनिटी(प्रतिरोधक) क्षमता कम है। इस मामले को लेकर पशु चिकित्सा विभाग ने मवेशी द्वारा खाए गए चारे व गोबर की जांच दुर्ग स्थित ग्राम अंजोरा के कामधेनु विवि से जांच कराने वाली है। लेकिन अभी तक कृषि विभाग द्वारा मसूर फसल का सैंपल नहीं लिया गया।

शुरुआती जांच में पता चला कि मसूर का फसल बारिश के कारण सड़ गया था, इसमें प्राकृतिक रुप से जहरीला पदार्थ बन गया। इसे खाने से मवेशी बीमार हुए थे। चरवाहे के मुताबिक जिस खेत में मसूर का फसल लगा हुआ था, उसके मालिक ने मवेशी को खिलाने की बात कही थी। गौर करने की बात है कि 6 माह पहले ही ऐसे ही फसल खाने से सहसपुर लोहारा ब्लॉक के ग्राम गगरिया-खम्हरिया में 7 मवेशियों की मौत हो गई थी। तब पशु चिकित्सा व कृषि विभाग ने सैंपल लिया था। तब पशु चिकित्सा विभाग के रिपोर्ट में जहर का जिक्र था।

सभी मवेशियों को लगाया टीका: इधर पशु चिकित्सा विभाग ने ग्राम कन्हाभैरा के सभी मवेशियों को टीका लगाया है। मौके पर मौजूद डॉ.विनय मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन डॉक्टरों की टीम गांव में जाकर मवेशियों के बारे में जानकारी ले रही है। सभी मवेशी ठीक हैं। फिलहाल मसूर की खेत में मवेशियों को जाने से रोका जा रहा है। बीमार हुए सभी मवेशियों का प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा। वहीं जिला पंचायत सीईओ विजय दयाराम के ने कवर्धा जनपद सीईओ को गांव में भेजकर मामले के संबंध में रिपोर्ट मांगी है। क्योंकि जिस गांव में मवेशी बीमार हुए है, वहां गौठान का निर्माण किया गया है।

रिपोर्ट में जहर का खुलासा

ग्राम गगरिया-खम्हरिया में 7 मवेशियों की मौत के मामले में जहां कृषि विभाग के रिपोर्ट ने कोदो के पैरा में जहर की मात्रा नहीं होने की बात कही थी। वहीं इसके उलट पशु चिकित्सा विभाग के रिपोर्ट में जहर की बात सामने आई थी। पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ.एनपी मिश्रा ने बताया कि गगरिया-खम्हरिया में नवंबर माह में कोदो पैरा का सैंपल कामधेनु विवि भेजा था। तब विवि की रिपोर्ट में कोदो में जहरीला फफूंद होने की जानकारी दी। वहीं विवि द्वारा उच्च स्तरीय जांच के लिए सैंपल को पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर, भेजा गया। रिपोर्ट में कोदो में जहरीली दवा का छिड़काव होने का जिक्र था।

शुक्रवार को पशु चिकित्सा विभाग की टीम कन्हाभैरा में मौजूद रहीं।
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