हैंडपंप का दूषित पानी पीने से गैंदपुर में फैला डायरिया, 5 माह की बच्ची सहित 31 बीमार

Kawardha News - भास्कर न्यूज | सहसपुर लोहारा ब्लॉक मुख्यालय से करीब 28 किमी दूर ग्राम गैंदपुर की बसाहट है, जहां हैंडपंप का...

Bhaskar News Network

Aug 19, 2019, 07:10 AM IST
Kawardha News - chhattisgarh news diarrhea spread in gandpur due to drinking contaminated hand pump 31 sick including 5 month old girl
भास्कर न्यूज | सहसपुर लोहारा

ब्लॉक मुख्यालय से करीब 28 किमी दूर ग्राम गैंदपुर की बसाहट है, जहां हैंडपंप का बैक्टीरिया युक्त पानी पीने से डायरिया फैल गई है। गांव में 5 माह की बच्ची समेत 32 लोग बीमार हैं। इनमें 3 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मरीजों को सामुदायिक अस्पताल लोहारा और थान खम्हरिया में भर्ती कराया गया है।

गैंदपुर के दैहानपारा, बड़े पारा में 3 दिन से डायरिया का प्रकोप जारी है। 16 अगस्त को उल्टी-दस्त के 3 मरीज मिले थे, इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने ध्यान नहीं दिया। इसके कारण पीड़ितों की संख्या बढ़कर 32 तक पहुंच गई है। करीब 600 आबादी वाले इस गांव में 8 हैंडपंप हैं। पीने के लिए इन्हीं हैंडपंप का पानी उपयोग करते हैं। पिछले दिनाें हुई लगातार बारिश से हैंडपंप से दूषित पानी निकलने लगा। इसी के असर से गांव में लोगाें को उल्टी- दस्त होना शुरू हुई।

कुछ तो करें: स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं, बढ़ गए मरीज

कवर्धा.घरों के पास घुरूवा, गली में बहता गंदा पानी।

गांव में सफाई व निकासी व्यवस्था पर्याप्त नहीं

1. जलस्रोतों के शुद्धिकरण करने जरूरी दवाओं का छिड़काव नहीं: मानसून पूर्व हैंडपंप समेत दूसरे जलस्रोतों के रख-रखाव व पानी के शुद्धिकरण के लिए जरूरी दवाओं का छिड़काव करना था। पीएचई (पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग) को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन ऐसा नहीं किया। अब डायरिया फैलने पर हैंडपंप के पानी का सैंपल ले रहे हैं।

2. गली में बहता गंदा पानी, घरों के पास घुरूवा: गैंदपुर में गंदे पानी की निकासी करने व्यवस्था नहीं है। यहां घरों से निकलने वाला गंदा पानी गली में बहता रहता है। हैंडपंपों व जलस्रोतों के पास गंदे पानी का जमाव हो रहा है। वहीं घरों व हैंडपंपों के पास घुरूवा (कूड़ेदान) मौजूद हैं। इन्हीं गंदगी के रिसाव से हैंडपंपों के पानी में हानिकारक बैक्टीरिया पनप रहा है।

पीड़ितों में बुजुर्ग भी शामिल

डायरिया पीड़ितों में 70 साल के बुजुर्ग तक शामिल है। 16 अगस्त को सावित्री साहू (45), डुगेश्वरी साहू (5 माह) और भूरीबाई साहू (35) को डायरिया हुई। 17 अगस्त को सुनीता (19), धान बाई जायसवाल (65), अघनु (70), बुधरी बाई, रामकुमार व 9 लोगों को उल्टी-दस्त हुई। रविवार को फतेह साहू (60), ज्योति योगेश (10 माह), नेहा (19) को डायरिया होने पर भर्ती कराया।

बांटी क्लोरिन की दवा

दूषित पानी से डायरिया फैलने पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में 17 अगस्त को गांव में हेल्थ कैंप लगाया गया। घर-घर सर्वे कर पीड़ितों की पहचान किए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। साथ घरों में क्लोरिन की दवाएं बांटी जा रही है। गांव में मुनादी कर पानी को उबालकर पीने की सलाह दी जा रही है। एहतियात बरतने कहा जा रहा है।

मानसून पूर्व नहीं हुई पानी की बैक्टीरिया जांच

गैंदपुर में डायरिया फैलने के लिए पीएचई विभाग जिम्मेदार है। क्योंकि विभागीय नुमाइंदों ने मानसून पूर्व हैंडपंपों के पानी की बैक्टीरिया जांच नहीं कराई। कबीरधाम जिले में 11, 504 हैंडपंप संचालित है। बीते साल 230 गांव के करीब 300 हैंडपंपों के पानी की जांच मितानिनों ने एचटूएस वॉयल के जरिए की थी, जिसमें 61 हैंडपंपों के पानी में बैक्टीरिया मिला था। पीएचई विभाग की ओर से कभी ऐसी जांच नहीं कराई जाती। डायरिया की शिकायत मिल रही है।

गांव में लगा कैंप, पीड़ितों की जांच कर दी जा रही दवा


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