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भौतिक सत्यापन करने पहुंचे एसडीएम समेत 6 को किसानों ने 8.30 घंटे बनाए रखा बंधक
नाराज किसानों ने शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे धान खरीदी केंद्र सम्बलपुर का भौतिक सत्यापन करने पहुंचे नवागढ़ एसडीएम डीआर डाहिरे को खरीदी केंद्र के भीतर ही बंधक बना लिया। केंद्र में रखे गए धान के भौतिक सत्यापन के समय बारिश से धान खराब हो जाने की स्थिति में खरीदी नहीं करने के मामले को लेकर किसान आक्रोशित हो गए। ऐसे में एसडीएम समिति भवन के भीतर पहुंच गए। ऐसे में किसानों ने एसडीएम डाहिरे व 5 अन्य को बंधक बना लिया। बाद में समिति प्रबंधक अशोक वर्मा द्वारा टोकन कट चुके किसानों के धान की खरीदी करने के लिखित आश्वासन के बाद ही सभी को छोड़ा गया।
लगातार साढ़े 8 घंटे तक एसडीएम समेत समिति प्रबंधक अशोक वर्मा, कम्प्यूटर ऑपरेटर दौलत वर्मा, एसडीएम के सुरक्षा गार्ड वीके ठाकुर, जलसंसाधन विभाग नवागढ़ के उपयंत्री व नोडल अधिकारी चंद्रकांत कुराने व नोडल अधिकारी को मदद करने साथ पहुंचे जल संसाधन विभाग नवागढ़ के टाइम कीपर अखिलेश शर्मा को भी बंधक थे। इन्हें साढ़े 8 घंटे बाद छोड़ा गया। नोडल अधिकारी की मदद करने साथ गए और समिति भवन में बंधक रहे जल संसाधन विभाग नवागढ़ के टाइम कीपर अखिलेश शर्मा ने बताया कि किसान धान खरीदी तत्काल प्रारंभ करने की मांग करते हुए नारेबाजी करते रहे। इस दौरान प्रशासन को जानकारी होने के बाद आसपास के थानों से बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर भेजा गया। लेकिन एसडीएम को छुड़ाने के लिए प्रशासन ने कोई पहल नहीं की।
एसडीएम व किसानों को बीच हुई तीखी बहस
बताया जाता है कि धान खरीदी परिसर में किसानों द्वारा तौल के लिए रखे गए धान के भौतिक सत्यापन को लेकर किसान और एसडीएम के बीच कहासुनी हो गई। किसानों का कहना था कि धान खरीदी अभी प्रारम्भ की जाए। ऐसे में एसडीएम डाहिरे खरीदी केंद्र के समिति भवन में जाकर बैठ गए। इसी दरमियान किसानों ने चैनल गेट बंद करके ताला जड़ दिए और उन्हें बंधक बना लिया। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक धान का तौल प्रारंभ नहीं हो जाता है, तब तक उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा।
खरीदी की तिथि बताएं, नहीं तो आंदोलन जारी: किसान
टोकनधारी किसानों का कहना है कि उन्होंने टोकन के अनुसार तय समय में धान को मंडी में पहुंचाया। फिर भी बारदाने की कमी की समस्या के चलते उनके धान की खरीदी नहीं की गई। इसके बाद भौतिक सत्यापन कर धान को मंडी में जमा किया गया। लेकिन अब तक धान को खरीदने के विषय में ना तो प्रशासन और न ही शासन ने कोई ठोस कदम उठाया है। केवल निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। यहां तक धान के रखरखाव के लिए भी कोई उचित प्रबंध नहीं किया गया है। बीते दिनों हुई लगातार बारिश के चलते धान खराब हो रहे हैं। अब यदि प्रशासन धान को खराब बताकर लेने से इनकार करेगी, तो किसान के सामने एक विकट स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।
किसान तत्काल धान खरीदी की मांग करने लगे
नवागढ़ के एसडीएम डीआर डाहिरे ने बताया कि मैं सत्यापन के लिए सम्बलपुर आया था, तभी किसान तत्काल धान खरीदी की मांग करने लगे। जिस पर उन्हें बताया गया कि सोमवार से खरीदी आरम्भ होगी। फिर भी किसान मानने को तैयार नहीं हैं।
निर्देश मिलने पर ही आगे की कार्रवाई: राजेंद्र वारे
बेमेतरा के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक नोडल अधिकारी राजेन्द्र वारे ने बताया कि समिति प्रबंधक सम्बलपुर व अन्य 5 को किसानों ने बंधक बना लिया। इसकी जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया व प्रशासनिक दिशा-निर्देश मिलने पर ही आगे की कार्रवाई हो पाएगी।
ये है गुस्से की वजह: बार-बार धान खरीदी को लेकर भौतिक सत्यापन पर गुस्सा
695 किसानों से 32 हजार क्विंटल होनी है खरीदी
लगातार 10 दिनों से हो रही बारिश के कारण खरीदी केंद्रों में किसानों द्वारा रखे गए धान पूरी तरह से भीग कर खराब हो चुके हैं। प्रशासन द्वारा बार-बार मेज़रमेंट किया जा रहा है। किसानों को धान तौल नहीं कराने का अंदेशा होने लगा है। लगातार अतिवृष्टि के कारण फड़ में रखे गए धान अंकुरित होने लगे हैं। अकेले संबलपुर धान खरीदी केंद्र में 695 किसानों के 32 हजार क्विंटल धान खरीदी किया जाना शेष है। इस खरीदी केंद्र में 16 गांवों के किसान धान बेचने आते हैं। दूसरी ओर किसान धान खरीदी करने के लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े रहे। यहां जिले के एक भी जिम्मेदार उच्च अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे।
भवन के भीतर इस तरह जिम्मेदारों को बंधक बनाकर रखा गया।
संबलपुर सेवा सहकारी समिति के भवन के बाहर आक्रोशित किसानों की भीड़।