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पहली बार जिले के 37 हजार 706 हेक्टेयर रबी फसल खराब, 38 करोड़ का नुकसान

एक वर्ष पहले
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{मुआवजा देने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है

इस रबी सीजन में चना, मसूर, तिवरा समेत अन्य फसलों काे बेमौसम बारिश के कारण नुकसान हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा चना फसल शामिल है। क्योंकि जिले में चना की फसल सबसे ज्यादा ली जाती है।

ऐसे में राज्य सरकार ने किसानों को राजस्व प्रकरण बनाकर मुआवजा देने का ऐलान किया व सर्वे कराने निर्देश दिया। सर्वे रिपोर्ट जारी हो चुकी है। इस रिपोर्ट के अनुसार पूरे जिले के 509 गांव में लगे रबी फसल को नुकसान हुआ है। इसमें करीब 87 हजार हेक्टेयर में से 37 हजार 706 हेक्टेयर रबी फसल खराब हुआ है। इनमें 37 हजार 408 किसान प्रभावित हुए है। वहीं नुकसान का
आंकलन करीब 38 करोड़ रुपए से ज्यादा है। अब रिपोर्ट आने के बाद मुआवजा देने जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भी भेज दिया है। इस संबंध में बीते दिनों हुई वीडियो कांफ्रेसिंग में कलेक्टर ने जानकारी दी थी। यह पहली बार हैं कि कबीरधाम जिले में इतने बड़े क्षेत्र में रबी का फसल नुकसान हुआ है। ऐसे में आर्थिक रुप में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जिनका फसल बीमा नहीं, उन्हें भी मुआवजा मिलेगा

फसल का मुआवजा देने दो प्रक्रिया तैयार की गई है। इसमें फसल बीमा व राजस्व मुआवजा है। पीएम फसल बीमा पोर्टल के अनुसार चने‌ की फसल को लेकर 107.83 करोड़ रुपए का बीमा हुआ है। इसमें कृषि भूमि 34.28 हजार हेक्टेयर व किसानों की संख्या 32 हजार 915 है। कृषि विभाग के आंकड़े को देखे तो इस साल जिले में 87 हजार हेक्टेयर में फसल है। भूमि का अंतर 53 हजार के करीब आ रहा है।इस तरह 53 हजार हेक्टेयर में लगे फसल का बीमा नहीं हुअा है। ऐसे में बीमा का लाभ नहीं मिलेगा। इसे देखते हुए स्पष्ट किया है कि जिन किसानों का फसल बीमा नहीं हुआ है,उन्हें भी राजस्व प्रकरण के तहत मुआवजा राशि दी जाएगी।


चार तहसील की स्थिति ऐसे समझें

कवर्धा तहसील: 110 गांव में सर्वे किया गया व 5219 किसान प्रभावित हुए है। यहां सिंचित रकबा हेक्टेयर में 1659 है व क्षति आंकलन राशि 2 करोड़ 23 लाख 96 हजार 500 रुपए है। असिंचित रकबा हेक्टेयर में 2375 व क्षति आंकलन राशि एक करोड़ 61लाख 50 हजार रुपए है।


{वर्तमान में किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा

फसल खराब होने से आम लोग भी होंगे प्रभावित

ऐसा पहली बार हुआ कि जिले में इतने बड़े क्षेत्र में रबी फसल खराब हुआ है। ऐसे में सीधे तौर पर किसानों के साथ-साथ आमजन को परेशानी होगी। क्योंकि रबी फसल पूरी तरह से मार्केट पर डिपेंड रहता है। जब किसानों के पास रुपए नहीं होंगे तो मार्केट की आर्थिक स्थिति में प्रभाव पड़ेगा। वर्तमान समय में शहर के मार्केट में चना प्रति क्विंटल 45 सौ रुपए से 5 हजार रुपए में मिल रहा। लेकिन आने वाले समय में चना नहीं मिलेगा,बेमौसम बारिश के कारण चना का फसल प्रभावित हुआ है।

पंडरिया तहसील: यहां 58 गांव में सर्वे किया गया व 3 हजार 658किसान प्रभावित हुए। सिंचित रकबा हेक्टेयर में 914.950 व क्षति आंकलन राशि एक करोड़ 23 लाख 51 हजार 825 रुपए है। असिंचित रकबा हेक्टेयर में 2424.154व क्षति आंकलन राशि 1 करोड़ 64 लाख 84हजार रु. है।

बोड़ला तहसील: यहां 216 गांव में सर्वे किया, 9147 िकसान प्रभावित हुए। सिंचित रकबा हेक्टेयर में 3635.517 व क्षति आंकलन राशि चार करोड़ 90 लाख 79 हजार 479 रु.है। असिंचित रकबा हेक्टेयर में 2413.908व क्षति आंकलन राशि1 करोड़ 64 लाख रुपए है।

सहसपुर लोहारा तहसील: यहां 125गांव में सर्वे किया गया व 19 हजार 384किसान प्रभावित हुए। सिंचित रकबा हेक्टेयर में 12795 व क्षति आंकलन राशि 17 करोड़ 27 लाख 32 हजार 500 रुपए है। असिंचित रकबा हेक्टेयर में 11 हजार 489 व क्षति आंकलन राशि 7 करोड़ 81लाख 25 हजार रु. है।

पटवारियाें ने किया है सर्वे

इस संबंध में अपर कलेक्टर जेके ध्रुव का कहना है कि वर्तमान में जो सर्वे रिपोर्ट जारी हुआ है, वह 26 फरवरी से लेकर 5मार्च का है। प्रतिदिन सर्वे काम कराया गया। लेकिन पटवारियों के हड़ताल के कारण कई गांव में सर्वे नही हो सका।सर्वे में प्रमुख रुप से उन गांव का फोकस किया गया, जहां बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि के कारण नुकसान हुआ है। अब तक के रबी फसल क्षति आंकलन राशि करीब 38 करोड़ 37 लाख 34 हजार 326 रुपए के आसपास है।

सर्वे संबंधित जिला स्तर पर फैक्ट फाइल

18702.062

हेक्टेयर असिंचित रकबा

127174600

क्षति आंकलन

राशि

256560304

क्षति आंकलन

राशि

37408

किसानों की संख्या

19004.467

हेक्टेयर सिचिंत रकबा

509

प्रभावित गांव की संख्या

कवर्धा. बेमौसम बारिश के कारण खराब फसल को मवेशियों को खिला दिया गया।
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