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कवर्धा में तेज बारिश के साथ गिरे ओले, केंद्रों में भीगा धान, सड़कों पर आया नालियों का गंदा पानी

एक वर्ष पहले
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समुद्री हवाओं (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण शुक्रवार शाम पौने 4 बजे कवर्धा में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। करीब एक घंटे तक बारिश हुई, जिससे शहर तरबतर हो गया। बेमौसम बारिश से जहां शहर की जाम नालियों से गंदा पानी बाहर आकर सड़कों पर बहने लगा। वहीं केंद्रों में खरीदे गए धान भीग गए।

शुक्रवार को दिनभर बादलों की लुका-छिपी चलती रही। सुबह आसमान पर बादल छाए रहे, दोपहर 2 बजे तक धूप खिली थी। इसके बाद मौसम बिगड़ना शुरू हुआ। दोपहर साढ़े 3 बजे फिर बादल छाई और एक घंटे बाद तेज बारिश के साथ ओले गिरने लगे।

तेज बारिश से जाम नालियों से गंदा पानी बाहर आ गया। इससे बस स्टैंड के सामने मेन रोड पर 2 इंच तक पानी बहने लगा, जिससे आवागमन में लोगों को परेशान होना पड़ा। इधर, बारिश के चलते शाम पौने 4 बजे से साढ़े 5 बजे
के बीच 10 बार से अधिक बिजली ट्रिपिंग हुई।

पूर्वानुमान : 16 डिग्री तक पहुंचेगा रात के तापमान

दिन अधिकतम न्यूनतम

13 मार्च 280 190

14 मार्च 260 200

15 मार्च 300 160

16 मार्च 320 170

आगे क्या : 14 मार्च तक सक्रिय रहेगा सिस्टम

रायपुर के मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा बताते हैं कि समुद्री हवाएं (पश्चिमी विक्षोभ) उत्तर पाकिस्तान और उसके आसपास में 1.5 किलोमीटर से 9.5 किलोमीटर तक स्थित है। इसके प्रभाव से एक चक्रीय चक्रवर्ती घेरा हरियाणा और उसके आसपास में 0.9 किलोमीटर तक स्थित है। एक चक्रीय चक्रवाती घेरा पूर्व उत्तर प्रदेश और उसके आसपास 0.9 किलोमीटर पर स्थित है। एक द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से पश्चिमी विदर्भ तक पूर्वी मध्य प्रदेश होते हुए 0.9 किलोमीटर पर स्थित है। इसके कारण बारिश हुई। यह सिस्टम 14 मार्च तक सक्रिय रहेगा।

केंद्रों में भीगा धान, बोरियां फाड़कर निकल आई जरई

मार्च महीने में 2 बार ओलावृष्टि और 4 बार बारिश हो चुकी है। इससे खरीदी केंद्रों में रखे धान भीग गए हैं। कई केंद्रों में बाेरियां फाड़कर जरई निकल आई है, इससे करोड़ों के नुकसान का अनुमान है। तरेगांव मैदान केंद्र में बारिश से जलजमाव की स्थिति है। खरीदे गए धान की बाेरियां भीग चुके हैं। खरीफ सीजन में 86 केंद्रों के जरिए 29.17 लाख क्विंटल धान खरीदी हुई है। अभी तक 22 लाख क्विंटल धान का परिवहन किया जा चुका है। शेष 6.96 क्विंटल धान केंद्रों में रखा हुआ है। बेमौसम बारिश से अधिकांश धान भीग गए हैं। इसकी वजह से नुकसान हुआ है।

24 घंटे में 4 डिग्री गिरा दिन का तापमान, आगे भी बारिश के आसार

बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। कवर्धा का अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 24 घंटे यानी 12 मार्च की तुलना में अधिकतम तापमान में 4 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। आगे भी बारिश के आसार हैं।

बारिश के साथ गिरे ओले।

बारिश से शहर की जाम नालियों से गंदा पानी निकलकर सड़क पर बहा।

कवर्धा. तरेगांव मैदान केंद्र में बारिश से जलभराव, भीगा धान। इससे भारी नुकसान हुआ है।
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