अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए सदस्यों ने नहीं उनके प्रतिनिधियों ने डाले थे वोट

Kawardha News - बोड़ला जनपद में गुरुवार को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की सुमिता मरकाम...

Feb 15, 2020, 07:15 AM IST

बोड़ला जनपद में गुरुवार को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था। अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की सुमिता मरकाम और भाजपा की कुमारी बाई उइके मैदान में थी। जनपद के 25 सीटों पर चुनकर आए सदस्यों को अध्यक्ष पद के वोट करना था, लेकिन क्रॉस वोटिंग से डरी पार्टियों ने यहां प्रारुप- 4(क) का दुरुपयोग किया।

दोनाें दलों के 15 सदस्यों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों ने अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए वोट डाला। मताधिकार नियमों के तहत प्रारुप- 4(क) का उपयोग करते हुए इन सदस्यों ने खुद मतदान न करते हुए अपना मतदाधिकार अपने प्रतिनिधियों को दे दिया, जो कि पार्टियों की ओर से नियुक्त किए गए थे। पार्टियों ने एेसा इसलिए किया, क्योंकि उन्हें क्रॉस वोटिंग का डर था। हालांकि, इस घटना को लेकर भाजपा की अध्यक्ष प्रत्याशी रही कुमारी बाई उइके ने निर्वाचन अधिकारी बोड़ला को लिखित आवेदन कर आपत्ति दर्ज कराई। बावजूद अनदेखा कर दिया गया।

जानिए, क्या है प्रारुप- 4 (क): प्रारूप- 4 (क) विशेष स्थिति के लिए है। इसमें कोई एक सदस्य इसका प्रयोग करे, तो इसे संयोग माना जा सकता है। लेकिन एक साथ 15 सदस्य इसका उपयोग कर अन्य व्यक्ति से मतदान कराए, यह पार्टियों की रणनीति ही कही जा सकती है। इस नियम के तहत यदि निरक्षरता, अंधेपन या अन्य शारीरिक शिथिलता के कारण कोई मतदाता अपना मत अभिलिखित करने में असमर्थ है, तो पीठासीन अधिकारी ऐसे व्यक्ति के साथी लाने की अनुमति देता है।

जनपद सीईओ बता पाएंगे

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