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पुलिस को जो हड्‌डी मिली वह बंदर की निकली मेडिकल कॉलेज की जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा

एक वर्ष पहले
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सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम बिरोड़ा में डोनेश हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने ग्राम टाटावाही के बाहर धनौरा रोड किनारे घुरवा (कूड़ा फेंकने के गड्‌ढे) में जो हड्डियां (कंकाल) बरामद की थी, उसकी मेडिकल जांच रिपोर्ट आ गई है। मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव में कंकाल की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने जो हड्डियां जांच के लिए भेजी थी, वह किसी बच्चे की नहीं, बल्कि बंदर या उससे मिलते-जुलते जानवर की है।

जांच रिपोर्ट आने से पुलिस सकते में आ गई है। हड्डी बच्चे की नहीं होने से एक बार फिर पुलिस बैकफुट पर आ गई है। डोनेश की तलाश दोबारा शुरू कर दी है। वहीं अब डोनेश हत्याकांड की हकीकत जानने के लिए आरोपियों का नार्को टेस्ट भी कराने की बात कही जा रही है। बहरहाल जो भी हुआ, उससे लोहारा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोहारा थाना के टीआई मुकेश यादव का कहना है कि अब कंकाल को जांच के लिए रायपुर भेजेंगे।

बड़ा सवाल

पुलिस की बताई थ्योरी के मुताबिक ग्राम बिरोड़ा में अपहृत डोनेश उर्फ हिमांशु राणा (9) के अपहरण वाले दिन ही हत्या हो गई थी। घटना के 36 दिन बाद बिरोड़ा चौक से करीब 6 किमी दूर टाटावाही गांव में 31 जनवरी 2020 को बच्चे का कंकाल मिला। हत्या के मामले में आरोपी यशवंत पिता स्व. रमेश पाली (21), कोमल उर्फ छोटू पिता दिलीप पाली (19) और हेमंत पिता गणेश पाली (19) को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने 30 लाख रुपए फिरौती वसूलने के लिए बच्चे को अगवा किया था, लेकिन बच्चे की हत्या कर बैठे। फिर लाश को बोरे में भरकर ठिकाने लगा दिया था।

भास्कर रिकॉल

पुलिस की नाकामी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी ऐसा ही एक वाक्या और हुआ था। ग्राम बानो और मोहनपुर के बीच भगतपुर मोड़ पर 11 मई 2019 को पुलिस ने कथित तेंदुए की खाल के साथ 3 आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपियों में कृष्णा पिता तोरन मरकाम (23) व ठाकुर सिंह पिता आनंद सिंह मरकाम (30) दोनों निवासी दरिया समनापुर थाना झलमला और दशरू पिता रामसिंह परते (24) ग्राम खम्हरिया थाना रेंगाखार शामिल थे। मामला कोर्ट में विचाराधीन था, लेकिन सुनवाई के दौरान पुलिस आरोप साबित नहीं कर पाई। न्यायालयीन सूत्राें के मुताबिक सबूतों के अभाव में आरोपी दोषमुक्त हो गए थे। क्योंकि जिस खाल को पुलिस ने जब्त किया था, वह तेंदुए का है या नहीं, इसका प्रमाण कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। कथित तेंदुए की खाल को जांच के लिए 3 जून 2019 को देहरादून (उत्तराखंड) भेजा था। जांच रिपोर्ट न मिलने के चलते जब्त खाल तेंदुए की है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई। हालांकि, मामले में पुलिस ने काेर्ट ने दोबारा सुनवाई के लिए अर्जी लगाई है।


मामला: जिस दिन अपहरण हुआ था, उसी दिन हो गई थी मासूम डोनेश की हत्या

मामले में पुलिस की बताई थ्योरी कहीं गलत तो नहीं

साबित नहीं करा पाए थे कि खाल तेंदुए की है या नहीं

अब डोनेश हत्याकांड की हकीकत जानने के लिए आरोपियों का नार्को टेस्ट भी कराने की बात कही जा रही है। बहरहाल जो भी हुआ, उससे लोहारा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोहारा थाना के टीआई मुकेश यादव का कहना है कि अब कंकाल को जांच के लिए रायपुर भेजेंगे।


एक्सपर्ट ने जांच रिपोर्ट दी है: टीआई

टीआई, सहसपुर लोहारा थाना मुकेश यादव ने बताया कि डोनेश राणा की जो हड्डी मिली थी, उसे जांच के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। वहां के एक्सपर्ट ने जांच रिपोर्ट दी है। हड्डी किसकी है बता नहीं पा रहे हैं। कुछ हड्डी को बंदर का बता रहे हैं। दोबारा सर्चिंग की गई, लेकिन कुछ नहीं मिला। अब आरोपियों का नार्को टेस्ट कराएंगे।

डोनेश राणा

बरामद की गई हडि्डयां।
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