शक्कर कारखाना कर्मचारियों की मांग पूरी नहीं हुई
फरवरी माह में शक्कर कारखाना के 110 नियमित कर्मचारियों ने दो सूत्रीय मांग को लेकर हड़ताल किया था। तब 18 फरवरी को कारखाना प्रबंधन व भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना कर्मचारी कल्याण संघ के बीच में समझौता हुआ।
संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र सिन्हा ने बताया कि कारखाना प्रबंधन ने आश्वासन दिया था कि कर्मचारियों की मांग 15 दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन 13 मार्च तक एक भी मांग पूरा नहीं किया। ऐसे में शुक्रवार को नाराज
कर्मचारियों ने कारखाना कार्यालय का घेराव किया।
संघ ने कारखाना प्रबंधन को 18 फरवरी को हुए समझौते की कॉपी दिखाई, इसमें 56 प्रतिशत मंहगाई भत्ता व क्रमोन्नति/पदोन्नति को 15 दिन के भीतर पूरा करने का आश्वासन दिया था। ऐसे में 15 दिन बाद मांग पूरी नहीं होने पर कर्मचारी फिर से आंदोलन में जाने की तैयारी कर रहें है। फिर से आंदोलन शुरू होने पर गन्ना पेराई पूरी तरह से प्रभावित होगी। घेराव के दौरान कर्मचारी संघ के कार्यकर्ता मौजूद थे।
हड़ताल से हुई थी परेशानी
यह पहली बार था कि कारखाना प्रारंभ होने के अवधि में लंबे दिनों तक हड़ताल हुआ। इस हड़ताल में 110 नियमित कर्मचारी व ठेका कर्मचारी करीब 600 से अधिक एक साथ हिस्सा लिए। पहले ठेका कर्मचारियों को आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करा लिया गया। बाद में नियमित कर्मचारी समझौता होने पर मान गए थे। यह हड़ताल फरवरी माह के पहले हफ्ते में हुआ। ऐसे में पेराई बंद हो गए। तब 15 सौ से अधिक किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस कारण कारखाना को चार करोड़ रुपए का नुकसान भी हुआ। अब नियमित कर्मचारियों के मांग पूरा नहीं होने पर फिर से आंदोलन करेंगे।
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