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तीन दिन बाद भी भालू को नहीं पकड़ सका वन विभाग, अब भालू हो सकता है हिंसक
शनिवार को ग्राम हथमुड़ी में भालू देखा गया था। भालू पकड़ने के लिए रविवार को रायपुर से रेस्क्यू टीम भेजी गई थी, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद सोमवार तक भालू को पकड़ा नहीं जा सका। अब एेसे में भालू के हिसंक होने की संभावना ज्यादा है। क्योंकि भालू भूखा है। दरअसल शनिवार से लेकर अब तक भालू गन्ने के खेत में गन्ना चूस कर रह रहा होगा, लेकिन इसमें भी भालू को पूर्ण मात्रा में भोजन नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति भालू गांव की ओर बढ़ेगा।
भूखा होने के कारण हिंसक होने की संभावना ज्यादा है। ऐसी स्थिति में क्षेत्र के करीब 10 हजार से अधिक लोगों को खतरा है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा हथमुड़ी, कुंडा, क्षीपाखार, केशली, पेन्ड्री, नवापारा गांव में खतरा है। वहीं रविवार को वन विभाग की टीम ने आसपास में क्षेत्र में सर्चिंग भी की। इसके साथ ही आज मंगलवार को होली होने के कारण रेस्क्यू टीम लौट आई है।
गुड़ फैक्ट्री में भी काम बंद
क्षेत्र में 5 गुड़ फैक्ट्री है, यहां 24 घंटे गन्ने का शिरा बनाने का काम होता है। लेकिन भालू के डर से बीते तीन दिनों से फैक्ट्री में गन्ने की आवक कम हो गई है। क्योंकि भालू के कारण गन्ना कटाई नहीं हो रहा। इसी प्रकार फैक्ट्री में होली व भालू के कारण तीन दिन पहले ही मजदूर अपने घर चले गए है। आमतौर पर इन फैक्ट्रियों में ज्यादातर मजदूर एमपी, यूपी, बिहार से है। ऐसे में यह समय से पहले अपने घर चले गए है। अब भालू के पकड़े जाने के बाद ही फैक्ट्री में काम पर लौटने की बात कह रहे हैं।
मौके पर टीम मौजूद
वन विभाग कबीरधाम डीएफओ दिलराज प्रभाकर ने बताया कि भालू ने अभी तक हिंसक होने जैसे कोई गतिविधि नहीं की है। मौके पर टीम मौजूद है। भीड़ ज्यादा होने के कारण भालू खेत से बाहर नहीं निकल रहा। हम लगातार नजर बनाए रखे हैं, फिलहाल भालू उसी क्षेत्र में होने की संभावना है। क्षेत्र के गांव में मुनादी भी कराई गई है।
3 दिन से है भूखा: खेतों में सिर्फ गन्ना चूसकर रह रहा भालू
गांव में भालू के घुसने से डरे हुए हैं लोग रात में घर से नहीं निकल रहे ग्रामीण
भालू को नहीं पकड़े जाने से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। हथमुड़ी, पेन्ड्री, नवापारा, क्षीपाखार केशली के लोग कुंडा आने तक डर रहे। क्षेत्र में कुंडा सबसे बड़ा गांव हैं। होली त्योहार को लेकर यहीं से खरीदी की जाती है। लेकिन गांव में भालू होने के कारण लोग दिन के समय दूसरे गांव तक जा रहे हैं। इसी प्रकार होली भी ग्रामीणों के लिए फीका रहा है। इन गांव में ग्रामीण रात के समय घर से नहीं निकल रहे हैं। क्योकि ग्रामीणों को डर है कि भालू उनके उपर हमला न कर दे।
ग्रामीणों का दावा- नदी के किनारे देखा गया भालू इसलिए गन्ने की कटाई बंद
इधर वन विभाग भालू को पकड़ने के लिए रुचि नहीं ले रहीं है। उल्टे विभाग ने रविवार को भालू को अचानकमार की ओर भाग जाने ग्रामीणों से पंचनामा भी ले लिया है। पंचनामा बाद ग्रामीणों ने देर शाम भालू को हथमुड़ी के हॉफ नदी के किनारे देखा है। ऐसे में संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि भालू हथमुड़ी के आसपास होगा। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण नदीं की ओर नहीं जा रहे हैं। 5 हजार से अधिक हेक्टेयर में लगे गन्ने की कटाई भी बंद है।
कवर्धा. सोमवार को हथमुड़ी में भालू पकड़ने गांव वाले खेत के पास पहुंच गए थे।
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