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भोरमदेव मंदिर में चढ़े फूलों को सुखाकर घर में ही महिलाओं ने बनाया हर्बल गुलाल

एक वर्ष पहले
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ग्राम राजा नवागांव की जय गंगा मईया समूह की 10 महिलाओं ने खुशबूदार हर्बल गुलाल तैयार किया है। खास बात यह है कि भोरमदेव मंदिर में चढ़ाए गए फूलों को सुखाकर, उसे घर में ही मिक्सर मशीन में पीसकर यह हर्बल गुलाल तैयार किए हैं। इसे बनाने में गुलाब, गेंदा के साथ चुकंदर, हल्दी और नीम की पत्तियों का उपयोग किए हैं।

समूह की महिलाओं ने इसी साल इस पहल की शुरुआत की। पहली बार में ही 6 अलग- अलग रंगों में 2 क्विंटल से अधिक खुशबूदार हर्बल गुलाल तैयार कर दिया। लेकिन यह इतना आसान नहीं था। समूह की कोषाध्यक्ष सीमा मानिकपुरी बताती हैं कि हर्बल गुलाल तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में फूलों की जरूरत थी।

राजा नवागांव से करीब 7 किमी दूर भोरमदेव मंदिर है। मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ाए फूलों को समेटकर लाते थे। यही नहीं, आसपास गांव में नवधा रामायण, भागवत कथा में चढ़ने वाले वाले फूलों को भी समेटकर लाए। इसमें भी गुलाल बनाने के लिए अच्छी गुणवत्ता के फूलों को चुनना पड़ा। इसके पश्चात निर्माण किए।

भोरमदेव में रोज चढ़ता है 300-400 किलो फूल

ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर में प्रतिदिन लगभग 200 से 300 किलो फूल चढ़ाया जाता है, जो सप्ताह के अंत में 400 से 500 किलो तक हो जाता है। इन्हीं फूलों को समेटकर महिलाएं घर ले अाई। अच्छे फूलों को चुनकर उसे सुखाया। मिक्सर में पिसने के बाद उसे छानकर दो महीने में गुलाल तैयार किए।

इस पहल से हर कोई हुआ प्रभावित: गुलाल बनाने महिलाओं ने गेंदा, गुलाब, दशमन फूल के साथ पालक व नीम की पत्ती का उपयोग किया है। इससे ही 6 अलग-अलग रंग के हर्बल गुलाल तैयार किया गया। पालक और नीम से हरा रंग, गुलाब से लाल व गुबाबी, गेंदा फूल से पीला रंग तैयार किया है। सभी इससे प्रभावित हुए हैं।


स्वास्थ्य पर इस गुलाल का कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता

समूह की महिलाएं बताती हैं कि पहली बार हर्बल गुलाल बनाया है। हर्बल गुलाल पीले, गुलाबी, लाल, नीले और हरे 6 रंगों में तैयार किया है। अगले साल इसकी और वैरायटी भी बनाई जाएगी। जिपं सीईओ विजय दयाराम के का कहना है कि हर्बल गुलाल का स्वास्थ्य पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है, बल्कि यह ठंडक देने वाला है। इसके आंखों में चले जाने से जलन नहीं होता है। यह त्वचा को नुकसान भी नहीं पहुंचाता है।

हर्बल गुलाल से 30 हजार रुपए आमदनी कमा चुके

फूलों से तैयार हर्बल गुलाल से समूह की महिलाएं करीब 30 हजार रुपए आमदनी कमा चुकी है। कलेक्टोरेट में शनिवार के महिलाओं ने स्टॉल लगाया था, जहां कलेक्टर अवनीश कुमार शरण ने भी पैसे देकर हर्बल गुलाल खरीदा। साथ ही महिलाओं की इस पहल को सराहनीय बताया। बताया कि 6 अलग- अलग रंगों में उपलब्ध हर्बल गुलाल 300 ग्राम के पैकेट में अलग-अलग रंगों में उपलब्ध है।

कवर्धा.फूलों से तैयार रंग की पैकेटिंग करती महिलाएं।

हर्बल गुलाल खरीदते कलेक्टर।
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