- Hindi News
- National
- Korba News Chhattisgarh News 40 Minor Irrigation Schemes 40 Years Old 21 Thousand Hectares Due To Lack Of Maintenance Irrigation Capacity Reduced To 13 Thousand From
40 लघु सिंचाई योजनाएं 40 साल पुरानी, रखरखाव नहीं होने से 21 हजार हेक्टे. से घटकर 13 हजार रह गई सिंचाई क्षमता
जिले में 40 लघु सिंचाई योजनाएं 40 साल पुरानी हैं। पहले सिंचाई की क्षमता 21 हजार 388 हेक्टेयर थी। रखरखाव नहीं होने के कारण वह घटकर अब 13 हजार 794 हेक्टेयर रह गई है। जलाशयों में अब गर्मी के समय में पानी ही नहीं रहता। बेला, बताती, कोथारी व सलिहाभांठा में तो नाम मात्र का पानी बचता है। नहरों की सफाई के साथ ही जलाशयों का सुधार कर डेढ़ हजार हेक्टेयर सिंचाई की क्षमता बढ़ाई जाएगी। साथ ही नई योजनाओं के काम में गति लाने का प्रयास किया जा रहा है।
कलेक्टर किरण कौशल ने अधिकारियों से जिले की सभी सिंचाई परियोजनाओं से रूपांकित सिंचाई क्षमता और वास्तविक सिंचाई के रकबे के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि सभी परियोजनाओं की कुल सिंचाई क्षमता 21 हजार 388 हेक्टेयर है और उनमें से केवल 13 हजार 794 हेक्टेयर क्षेत्र में ही वास्तविक सिंचाई हो पा रही है।
कलेक्टर ने रूपांकित क्षमता और वास्तविक सिंचाई रकबे के अंतर को खतम करने के लिए क्रमबद्ध वार्षिक कार्य-योजना बनाने कहा है। उन्होंने चालू वर्ष में अगले चार महीनों में बारिश के पहले इसमें से एक हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए नहरों की सफाई, मिट्टी बोल्डर के काम शुरू करने के निर्देश जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। कलेक्टर ने इन कामों के लिए मनरेगा के तहत प्रस्ताव तैयार कर तत्काल प्रस्तुत करने कहा ।
कलेक्टर ने हसदेव बांगो परियोजना के डूबान क्षेत्र में बनी बुका-सतरेंगा झील से लगे गांवों में सिंचाई की सुविधा विकसित करने कहा है । बरसात के मौसम में जलभराव और गर्मी में पानी के उतर जाने की स्थिति को देखते हुए अधिकारियों से सिंचाई योजना बनाने कहा है। उन्होंने बांगो बांध के इस पानी को आसपास के गांवों के क्लस्टर बनाकर सामुदायिक सिंचाई योजनाओं की तर्ज पर खेतों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने जैसी योजना बनाने अधिकारियों को जिम्मेदारी दी। बांगो बांध का पानी खेतों तक पहुंचाने के लिए सौर उर्जा चलित लिफ्ट इरीगेशन सिस्टम की स्थापना और सिंचाई के बाद खेतों में फसलें लगाने के लिए किसानों को तैयार करने की जिम्मेदारी कृषि विभाग के अधिकारियों की होगी।
सिंचाई क्षमता बढ़ाने बनायी जा रही कार्ययोजना
जल संसाधन विभाग के ईई सीके धाकड़ ने बताया कि सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए कार्य योजना बनायी जा रही है। नहरों की सफाई होगी, इसके साथ ही सिल्ट हटाकर जलाशयों की भराव क्षमता बढ़ाई जाएगी।
पाली ब्लाॅक का जलाशय।