17 सालों में हसदेव के साथ-साथ राजनीति की नदी में बहुत बहा पानी

Korba News - लाइफ लाइन एक्सप्रेस पहली बार कोरबा में 10 जनवरी 2002 से 2 फरवरी तक कैम्प की थी। दूसरी बार शनिवार 12 अक्टूबर 2019 से इसमें...

Oct 13, 2019, 07:11 AM IST
लाइफ लाइन एक्सप्रेस पहली बार कोरबा में 10 जनवरी 2002 से 2 फरवरी तक कैम्प की थी। दूसरी बार शनिवार 12 अक्टूबर 2019 से इसमें अगले तीन सप्ताह के लिए इलाज व ऑपरेशन होगा।

यूं लाइफ लाइन एक्सप्रेस के यहां आने के इन 17 सालों के इंतजार में हसदेव नदी में तो बहुत पानी बह ही चुका है वहीं राजनीति में भी बड़े बदलाव हुए हैं। तब प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी की खास पहल पर तत्कालीन कलेक्टर राजकमल के संयोजन में शिविर का आयोजन हुआ था। उस शिविर में 1743 आंख के ऑपरेशन, पोलियो से पीड़ित मरीजों के 530 ऑपरेशन व प्लास्टिक सर्जरी के कोई 170 ऑपरेशन हुए थे। यूं करीब 2440 ऑपरेशन हुए थे, वहीं लगभग इतनी ही संख्या में मरीजों की जांच कर उन्हें दवाइयां व परामर्श दिया गया था। अजीत जोगी अब न केवल कांग्रेस से बाहर हैं। उनकी पार्टी जकांछ को पिछले विधानसभा चुनाव में मात्र 5 सीटों पर सफलता मिली। जिसमें से दो सीट अजीत जोगी व उनकी प|ी रेणु जोगी ने जीती है। रेणु जोगी व अमित जोगी भी लाइफ लाइन शिविर 2002 के उद्घाटन में यहां मौजूद थे। इसके बाद स्टेशन के समीप हुई सभा के मंच पर तब के जिला प्रभारी मंत्री विधान मिश्रा मौजूद थे। बगल में जांजगीर सांसद डॉ. चरणदास महंत, विधानसभा उपाध्यक्ष बनवारीलाल अग्रवाल व कोरबा की पहली महापौर श्याम कंवर भी मंच पर थीं। पीछे की पंक्ति में निगम के सभापति रामनारायण सोनी, प्रदेश कांग्रेस सदस्य जयसिंह अग्रवाल, रामसिंह अग्रवाल व श्यामलाल मरावी भी मंच पर थे। अब यदि आज की परिस्थिति को देखें तो तब जोगी मंत्रीमंडल में राजस्व मंत्री रहे सीएम भूपेश बघेल जोगी के कट्‌टर विरोधी है। विरोधी तो महंत भी थे मगर वे खुलकर कभी मैदान में ताल नहीं ठोंक सके। अभी वे राज्य विधानसभा अध्यक्ष हैं व जांजगीर से अलग होकर बनी कोरबा सीट से उनकी प|ी ज्योत्सना महंत सांसद हैं।

तब और अब: लाइफ लाइन एक्सप्रेस रिकॉल


अब

शिविर शुभारंभ आमसभा मंच पर अब के सीएम भूपेश बघेल, मेयर रेणु अग्रवाल, राज्यसभा सदस्य व अन्य।

तब

शुभारंभ समारोह के सभा मंच पर तब के सीएम अजीत जाेगी, रेणु जोगी, प्रभारी मंत्री विधान मिश्रा व अन्य।

10 जनवरी 2002 को तात्कालीन सीएम जोगी।

इन 17 सालों में किसी ने भरी उड़ान तो कइयों ने छोड़ा अपनों का दामन

इन 17 सालों में यदि किसी का राजनैतिक कद ऊंचा हुआ है तो वो जयसिंह अग्रवाल हैं। तीन साल तक साडा अध्यक्ष रहे जयसिंह अग्रवाल ने 1998 में पहला चुनाव कटघोरा विधानसभा सीट से लड़ा। उन्हें हराकर भाजपा नेता बनवारीलाल अग्रवाल विधानसभा उपाध्यक्ष बने। लाइफ लाइन शिविर के समय सीएम जोगी उनके घर भी गए व बाद में ऐसी खटास इन दोनों नेताओं के बीच हुई कि अग्रवाल को विधानसभा उपाध्यक्ष के पद से हटना पड़ा। जयसिंह अग्रवाल 2008 में कोरबा बनी सीट पर लगातार तीन बार चुने गए हैं। अभी राजस्व मंत्री हैं उनकी प|ी रेणु अग्रवाल कोरबा निगम में चुनी जाने वाली पहली महापौर हैं। जोगी के साथ तब रामसिंह अग्रवाल व श्यामलाल मरावी थे। रामसिंह जोगी कांग्रेस से पिछला चुनाव कोरबा से हार गए। श्यामलाल मरावी जोगी का साथ छोड़ भाजपा में चले गए। अब दिवंगत हो चुके युवा नेता सुरेश जैन की अमित जोगी तब गहरी छनती थी। बोधराम कंवर की जगह अब उनके बेटे पुरुषोत्तम कंवर कटघोरा से विधायक हैं। वहीं पाली-तानाखार से मोहित केरकेट्टा विधायक हैं तो रामदयाल उइके भाजपा में जा चुके हैं। जहां तक 2002 में मंच पर मौजूद भाजपा नेताओें की बात करें तो अब बनवारीलाल अग्रवाल की राजनैतिक पारी ढलान पर है। महापौर के कार्यकाल के दौरान अजीत जोगी से लोहा लेने वाली श्याम कंवर फिर कभी राजनीति के केन्द्र में नहीं आई। वहीं रामनारायण सोनी अभी कोरबा महापौर ओबीसी के लिए आरक्षित होने पर भाजपा के प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।

पहले और अब


12 अक्टूबर 2019 को उद्घाटन करते सीएम बघेल।

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