गारे-पेलमा खदान से कोयला उत्पादन शुरू बिजली प्लांटों में दूर होगा कोयले का संकट

Korba News - बिजली कंपनी के गारे-पेलमा-3 खदान से कोयला उत्पादन शुरू हो गया है। कोयला संकट से जूझ रहे बिजली उत्पादन कंपनी के...

Dec 09, 2019, 08:21 AM IST
Korba News - chhattisgarh news coal production starts from gare pelma mine power plants will overcome coal crisis
बिजली कंपनी के गारे-पेलमा-3 खदान से कोयला उत्पादन शुरू हो गया है। कोयला संकट से जूझ रहे बिजली उत्पादन कंपनी के प्लांटों में उत्पादन पर असर पड़ता देख अब गारे-पेलमा कोयला खदान से कोयला उत्खनन शुरू कर दिया गया है। डिस्पैच अभी शुरु नहीं किया गया है। लेकिन इसके लिए भी तेजी से काम चल रहा है। आने वाले समय में इससे बिजली कंपनी को राहत मिलने की उम्मीद है। विधिवत पूजा पाठ के बाद खदान से कोयला उत्पादन की शुरुआत की गई। इस दौरान कंपनी के अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। केंद्र सरकार ने बिजली कंपनी की कोयला जरूरतों को पूरी करने के लिए गारे-पालमा-3 और पितुरिया कोल ब्लॉक आवंटित किया गया है। गारे पेल्मा माइंस से बीते कई माह से कोयला उत्पादन शुरू करने की कोशिशें चल रही थी। खदान के लिए जरूरी मेन पावर के लिए भी प्रक्रिया शुरू हुई थी। काफी प्रयास के बाद गारे-पेलमा खदान से कोयला उत्पादन शुरू करने में कामयाबी मिल गई है। कोयला उत्पादन शुरू होने से अधिकारी कर्मचारी उत्साहित नजर आए। वहीं दूसरी तरफ बिजली कंपनी प्रबंधन के लिए भी राहत वाली बात है कि अब कंपनी को खुद के खदान से सीधे कोयला उपलब्ध हो सकेगा। राज्य बिजली उत्पादन कंपनी के बिजली प्लांटों के लिए एसईसीएल की कोरबा, कुसमुंडा दीपिका और गेवरा एरिया की खदानों से कोयला की आपूर्ति की जाती है।

कई महीनों से कोयला संकट से जूझ रहे बिजली प्लांटों को मिलेगी राहत

पूजा पाठ कर कोयला उत्पादन शुरु करते। उपस्थित अधिकारी व कर्मचारी।

बिजली कंपनी के प्लांटों में बीते कई महीनों से कोयले की किल्लत, विद्युत उत्पादन हो रहा प्रभावित

बिजली उत्पादन कंपनी के जिले में कोरबा पूर्व, एचटीपीपी और डीएसपीएम प्लांट संचालित हैं। इसी तरह मड़वा में 1 हजार मेगावाट का प्लांट है। इन प्लांटों में बीते कई माह से कोयला की कमी है। इसके कारण बिजली उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। कुछ दिन पहले प्रदेश के मुख्य सचिव ने ऊर्जा विभाग, बिजली व कोयला कंपनी के अधिकारियों की बैठक लेकर प्लांटों में कोयला की कमी को लेकर चिंता जताई थी। इसके साथ ही बिजली प्लांटों में कोयला आपूर्ति में सुधार लाने कहा गया था। इसी कड़ी में अब गारे पेलमा खदान से कोयला उत्पादन की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। इससे प्लांटों को पर्याप्त कोयला मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

खुली खदान से हर साल 4 मिलियन टन का होगा उत्पादन धीरे-धीरे और बढ़ेगा

जनरेशन कंपनी के गारे-पेल्मा-3 खुली खदान की वार्षिक उत्पादन क्षमता 4 मिलियन टन प्रतिवर्ष होगी। अिधकारियों के अनुसार इस खदान से उत्पादन धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। यहां से कोयला उत्खनन की जिम्मेदारी अडाणी की कंपनी को दी गई है। यह कंपनी कोयले का डिस्पैच भी करेगी। आने वाले समय में भूमिगत खदान की क्षमता 1 मिलियन टन रहेगी। हालांकि इसमें समय लगेगा। इस तरह गारे-पेल्मा से कुल 5 एमटी तक करने की योजना है। एक अधिकारी ने बताया कि अभी उत्पादन शुरु किया गया है। डिस्पैच शुरु नहीं हुआ है। यहां मड़वा प्लांट कोयला भेजा जाएगा। जिसके लिए जरुरी तैयारियां चल रही है।

उत्पादन कंपनी के एमडी वर्मा आज रहेंगे दौरे पर

छत्तीसगढ़ राज्य बिजली उत्पादन के नए एमडी राजेश वर्मा दो दिन तक जिले के दौरे पर रहेंगे। पहले दिन 9 नवंबर को एचटीपीपी के राखड़ बांध और बिजली प्लांट का निरीक्षण करने के बाद अफसरों के साथ बैठक लेंगे। 10 दिसंबर को भी डीएसपीएम प्लांट और गोढ़ी राखड़ डेम का निरीक्षण कर अफसरों को निर्देश देंगे।

प्लांटों में हर दिन 38 हजार टन कोयला की खपत

बिजली उत्पादन कंपनी के कोरबा पूर्व, एचटीपीपी, डीएसपीएम व मड़वा सहित चारो प्लांट में हर दिन करीब 38 हजार टन कोयला की खपत होती है। वर्तमान में यहां के प्लांटों में 2 से 4 दिन का कोयला उपलब्ध है। एचटीपीपी में कोयला आपूर्ति में कुछ गति आई है। इससे प्रबंधन को राहत मिली है। हालांकि कोयला की कमी बनी हुई है।

Korba News - chhattisgarh news coal production starts from gare pelma mine power plants will overcome coal crisis
X
Korba News - chhattisgarh news coal production starts from gare pelma mine power plants will overcome coal crisis
Korba News - chhattisgarh news coal production starts from gare pelma mine power plants will overcome coal crisis
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना