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कोरोना से बचाव के लिए डॉक्टर व पैथोलॉजिस्ट ट्रेनिंग लेकर लौटे
देश के कई राज्यों में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीज मिलने और कर्नाटक और दिल्ली में दो लोगों की मौत के बाद जिले में भी लोग इस बीमारी से घबराने लगे हैं। वे इसकी जांच व इलाज की सुविधा को लेकर चिंतित हैं, लेकिन लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि जिला प्रशासन ने कोरोना वायरस से लोगों के बचाव के लिए राज्य सरकार व डब्ल्यूएचओ के प्रोटोकॉल के अनुसार पूरे इंतजाम कर लिए हैं।
जिला अस्पताल में 2 बेड के आइसोलेशन वार्ड के साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 1-1 बेड की व्यवस्था की गई है। कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज की जांच व इलाज के लिए जिला अस्पताल से पैथोलॉजिस्ट डॉ. पुष्कर चौधरी व एमडी डॉ. प्रिंस जैन को रायपुर में ट्रेनिंग दी गई है। संदिग्ध मरीज के आते ही उसे अस्पतालों में बने आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा। इसके बाद पैथोलॉजिस्ट द्वारा उनका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। दूसरी ओर एमडी (मेडिसीन) डॉ. प्रिंस जैन उनका उपचार करेंगे। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने या मरीज की स्थिति गंभीर होने पर एम्स रायपुर रेफर किया जाएगा।
अब तक जिले में एक भी संदिग्ध केस नहीं
स्वास्थ्य विभाग के जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. कुमार पुष्पेश के मुताबिक जिले में अब तक कोरोना वायरस का एक भी संदिग्ध केस नहीं है। शासन के गाइड लाइन के अनुसार जिला अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने के लिए आइसोलेशन वार्ड के साथ ही जांच व इलाज की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य कर्मचारियों व मितानिन के जरिए फील्ड में लोगों को जागरूक करने के साथ ही निगरानी करवाई जा रही है।
घबराएं नहीं, खुद का बचाव जरूरी है
एमडी (मेडिसीन) डॉ. प्रिंस जैन ने बताया कि जिला अस्पताल में कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए पूरे साधन हैं। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। बल्कि संक्रमण से बचने के लिए खुद का बचाव करना जरूरी है। इसके लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। जरूरी हो तो ऐसे स्थान पर मास्क पहने भले ही वह साधारण हो। बुखार-सर्दी होने पर हल्के से न लेकर चिकित्सकीय परामर्श जरूर लेवें।
4 लोगों के संक्रमित होने की अफवाह
1 फरवरी से 8 मार्च के बीच पढ़ाई व जॉब के लिए गए विदेश गए 4 लोग वापस लौटे हैं। जिसमें मुड़ापार, सीएसईबी काॅलोनी, विकासनगर व प्रगति नगर के दो युवक व दो युवती शामिल हँ। उसकी लिस्ट प्रशासन ने तैयार की है। अब उक्त लिस्ट के आधार पर सोशल मीडिया वाट्सएप और फेसबुक पर उन्हें कोरोना वायरस से संक्रमित होने की अफवाह वायरल हो रही है। इससे उनके परिजन परेशान हैं।
24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट आने का दावा
जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज के सैंपल का रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर आने का दावा किया जा रहा है। डॉक्टरों के अनुसार संदिग्ध मरीज का सैंपल कोरियर से एम्स रायपुर भेजा जाएगा। यदि सैंपल सुबह की पाली में भेजा जाएगा तो शाम-रात तक रिपोर्ट आएगी। यदि दूसरे पाली में कोरियर भेजा जाएगा तो फिर अगले दिन ही रिपोर्ट आएगी।
वायरल से बचाने वाली दवाइयां भी उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों को उपचार के दौरान जो दवाइयां उपलब्ध कराने की गाइड लाइन जारी की है। उसमें ज्यादातर वायरल फीवर से बचाने वाली हैं। डॉ. प्रिंस जैन के मुताबिक ज्यादातर दवाइयां जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं। कुछ अन्य दवाइयों की डिमांड की गई है। संदिग्ध मरीजों की जांच व इलाज के दौरान डॉक्टर व स्टाफ तैयार रहेंगे।
प्रोटोकॉल का पालन स्थिति सामान्य: कलेक्टर
कलेक्टर किरण कौशल ने बताया कि कोरोना वायरस के संबंध में राज्य सरकार व विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी प्रोटोकॉल का जिले में पालन किया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड की तैयारी हो चुकी है। जिले में स्थिति सामान्य है। कोई भी संदिग्ध मरीज की सूचना नहीं है। स्कूल-कॉलेज बंद करा दिए गए हैं। विदेश से आए लोगों के रिकार्ड रखने के साथ ही उनके आइसोलेशन का निर्देश दिया गया है।
जिला अस्पताल में तैयार किया गया आइसोलेशन वार्ड।