पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

छात्रावास के बच्चे बाहर नहीं जाएंगे

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

31 मार्च तक स्कूलों की छुट्टी घोषित करने के बाद छात्रों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए अब आश्रम-छात्रावास के बच्चों के बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। वे अब घूमने-फिरन हॉस्टल से बाहर नहीं जा सकेंगे। छात्रावास पहुंचने वाले पालकों को छात्रों से मुलाकात के दौरान पूरी सावधानी बरती जाएगी।

शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में कलेक्टर किरण कौशल ने आश्रम-छात्रावास अधीक्षकों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि आश्रम-छात्रावासों में बच्चों से मिलने आने वाले पालकों और बाहरी लोगों को हॉस्टलों के अंदर प्रवेश न दिया जाए। संबंधित विद्यार्थी को ही परिसर में निश्चित समय के लिए मिलने दिया जाए। इस दौरान पूरी सावधानी बरती जाए। किसी बच्चे को सर्दी, खांसी होने पर तत्काल डॉक्टरी इलाज कराने और अस्पताल ले जाने कहा। बैठक में आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त एनके दीक्षित मौजूद थे। उन्होंने आश्रम-छात्रावासों में साफ-सफाई रखने, बच्चों को कोरोना से बचाव के तरीके बताने और बार-बार हाथ धोने की आदत डलवाने की भी बात कहीं।

छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा की दी जाएगी कोचिंग

कलेक्टर ने छात्रावास-आश्रमों के मेधावी छात्रों का चिह्नांकन करने कहा है। इन मेधावी छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं सहित विशेष कोचिंग के माध्यम से स्कूली परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि सभी छात्रावासों में छात्रों के क्रियाकलापों की समय-सारणी अनिवार्य रूप से बने, जिसमें छात्रों के सोने, जागने, खाने, खेलने, अध्ययन तथा अन्य दैनिक दिनचर्या का समय निर्धारित हो। यह समय-सारणी सभी छात्रावास-आश्रमों में समान रूप से लागू हो।

महिला समूह से होगी राशन की खरीदी

कलेक्टर ने जिले के हर ब्लॉक में आधुनिक सुविधायुक्त 5 मॉडल हॉस्टल का निर्माण करने कहा है। इन मॉडल हॉस्टलों में आधुनिक लाइब्रेरी, अध्ययन सामग्री, कम्प्यूटर कक्ष, ग्रुप स्टडी कक्ष, हॉबी क्लब भी बनेंगे। जिससे बच्चों के शैक्षणिक विकास के साथ शारीरिक और मानसिक विकास भी हो सके। छात्रावास-आश्रमों में उपयोग होने वाली राशन सामग्री दाल, सब्जी, हल्दी, मिर्ची, धनिया, मच्छर अगरबत्ती, साबुन और अंडे की खरीदी स्थानीय व निकटतम स्व सहायता समूहों से होगी।
खबरें और भी हैं...