एमडी ने कहा- अभी 68 % राखड़ का यूटिलाइजेशन
बिजली उत्पादन कंपनी के एमडी एनके बिजोरा का कहना है कि पॉवर प्लांटों में पर्याप्त कोयला है। प्रदेश में 4 हजार मेगावाट बिजली की डिमांड है। पॉवर प्लांटों से लगभग 3500 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। केन्द्रीय पुल से बिजली ली जा रही है। अभी राखड़ का 68 प्रतिशत यूटिलाइजेशन हो रहा है। आगे जाकर 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य है।
एमडी बनने के बाद बिजोरा शुक्रवार शाम पहली बार कोरबा पहुंचे। उन्होंने शनिवार को उत्पादन कंपनी के डीएसपीएम प्लांट व कोरबा पूर्व प्लांट का निरीक्षण किया। एमडी ने सीएसईबी गेस्ट हाऊस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदूषण की समस्या कोरबा में काफी कम हुई है। इसकी तुलना में रायपुर व रायगढ़ आगे हो गए हैं। डीएसपीएम प्लांट प्रदेश में नंबर-वन प्लांट है। बिजली उत्पादन को और बेहतर बनाया जाएगा। उन्होंने दर्री बरॉज के डूबान क्षेत्र में राखड़ पाटने व नियमों का पालन नहीं करने के संबंध में कहा कि रविवार को वे स्वयं ही मौके का निरीक्षण करेंगे। ऐसी क्या परिस्थिति थी कि जिसकी वजह से राखड़ डाला गया है। उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर बिजली उत्पादन के साथ ही कर्मचारियों की समस्याओं पर भी चर्चा की। धनुहारपारा के इंटेक केनाल के पास गड्ढे में राखड़ को भरा गया है। इसके लिए बिजली उत्पादन कंपनी ने टेंडर भी जारी किया था। लेकिन बोल्डर से सेफ्टी वाल नहीं बनाया गया है। इसमें गड़बड़ी की बात सामने आ रही है।