संस्कृति को जीवंत रखती हैं मातृशक्ति : कालीचरण

Korba News - प्रज्ञापुत्र कालीचरण शर्मा ने 251 कुंडीय महायज्ञ के शुभारंभ पर गायत्री माता व नारी शक्ति का महात्म्य बताया।...

Nov 11, 2019, 07:15 AM IST
प्रज्ञापुत्र कालीचरण शर्मा ने 251 कुंडीय महायज्ञ के शुभारंभ पर गायत्री माता व नारी शक्ति का महात्म्य बताया। उन्होंने कहा कि जब भी कोई गंभीर परिस्थिति आई अथवा धर्म पर कोई विपदा आए तब तब माताओं, बहनों ने धर्म की रक्षा शक्ति के रूप में किया है। व्रत, उपवास व विभिन्न सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रखते हुए घर की माताएं हमेशा धर्ण की रक्षा करती हैं।

यह बात कवल यात्रा के यज्ञ स्थल पहुंचने पर कलश स्थापना व पूजन के दौरान प्रज्ञापुत्र शर्मा ने कही। उन्होंने देवशक्तियों को कलश में धारण कर पहुंचीं मातृशक्ति के साथ साथ समस्त देवशक्तियों की आरती उतारकर शांतिपाठ के साथ कलश यात्रा का समापन कराया। अश्वमेध यज्ञ का रजत जयंती महोत्सव पर 251 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के प्रथम दिवस रविवार को मातृशक्ति ने सिर पर कलश धारण कर भव्य शोभायात्रा निकाली। नगर में गायत्री महामंत्र के गुंजन से दिव्य वातावरण निर्मित होने के साथ दैवीय शक्ति का साक्षात स्वरुप देखने को मिला। माताओं बहनों ने सिर पर कलश, वेद, उपनिषद, प्रज्ञा पुराण धारण कर नव उर्जा का संचार किया। कलश यात्रा का नेतृत्व कर रहे संध्या अग्रवाल, वीके यादव, संध्या अग्रवाल ने बताया कि झांकियां शामिल थीं। जिसमें नशा उन्मूलन, नारी जागरण, पर्यावरण संवर्धन प्रमुख रहा। जिले के अलावा, सरगुजा, जशपुर, कोरिया, बिलासपुर, रायपुर समेत पूरे प्रदेश से माताएं, बहनें, बच्चे व गायत्री परिजन शामिल रहे। इस अवसर पर ओमप्रकाश पाटीदार के द्वारा संगीत की प्रस्तुति दी गई। हरिप्रसाद चौधरी, नारायण रघुवंशी, बसंत यादव, गणेश पवार, हेमंत ने प्रस्तुति देकर आयोजन के शुरू होने का आभास कराया। आयोजन को सफल बनाने में शांतिकुंज प्रतिनिधि कामता प्रसाद साहू, कमलेश मिश्रा, डॉ.शोभना परसाई, राजकुमार देवांगन, रोहतास कसेर, डीके वर्मा, एमआर बरेठ, रामकुमार थवाईत, प्राणेश विश्वास, दीपक अग्रवाल, राजेश लाम्बा, एसआर शर्मा, दानेश्वर शर्मा समेत सभी साधक जुटे हुए हैं।

पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा गायत्री परिवार को 7 आंदोलन दिए गए हैं। इन आंदोलनों को अभियान के रूप में गायत्री परिवार के साधक पूरा करने जुटे हुए हैं। यज्ञ की महत्ता के साथ साधना, उपासना, नारी जागरण, पर्यावरण संवर्धन, कुरीति उन्मूलन समेत नशे के दुष्परिणामों को प्रदर्शित करती हुई प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

मंच पर विराजमान संस्था के अभ्यागत।

10 हजार वर्गफीट में लगाई गई प्रदर्शनी

यज्ञशाला के सामने 10 हजार वर्गफीट में प्रदर्शनी लगाई गई है। जिसमें विभिन्न विषयों पर प्रभारी चित्रण किया गया। धर्मध्वजा फहराने के बाद सोमवार को विराट प्रदर्शनी का शुभारंभ होगा। व्यवस्था देख रहे वेदप्रकाश ने बताया कि गायत्री के 24 रूपों का प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनी स्थल पर प्रवेश करने के साथ ही अलौकिक दृश्य के साथ सुखद अनुभूति होगी।

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