सपोर्टिंग वॉल के साथ फिल्टर नहीं बनाया, दर्री बरॉज में समा रही राखड़
बिजली उत्पादन कंपनी के एचटीपीपी प्लांट से निकलने वाले राखड़ को डिस्पोज करने प्रबंधन अलग-अलग जगह पर पाटने के लिए ठेका जारी करता है। दर्री बरॉज के किनारे इंटेक केनाल में राखड़ भरने के मामले में नया खुलासा हुआ है। प्रबंधन ने 1 करोड़ 10 लाख रुपए का टेंडर जारी किया था, जिसे 58 लाख में दे दिया। इसमें राखड़ दर्री बरॉज में न जाए। इसके लिए सपोर्टिंग वॉल व फिल्टर बनाना था, लेकिन नहीं बनाया। इसकी वजह से राखड़ दर्री बरॉज में समा रही है।
हसदेव दर्री बरॉज से सीधे पॉवर प्लांट के लिए पानी लेने इंटेकवेल बनाया गया है। इसके किनारे ही सिंचाई विभाग की जमीन है। जिसमें आसपास के लोग खेती करते थे। उसी स्थान पर राखड़ पाटने के लिए एचटीपीपी प्रबंधन ने टेंडर जारी किया था, लेकिन लगभग 50 प्रतिशत दर पर ठेका जारी कर दिया गया। नियमत: 7550 क्यूबिक मीटर बोल्डर के साथ ही फिल्टर बनाने रेत का उपयोग करना था।, लेकिन बाद में इसे बदल दिया गया। इसकी वजह से राखड़ दर्री बरॉज में समा रही है। दूसरी ओर जमीन के मामले में भी सिंचाई विभाग ने अपनी जांच पूरी नहीं की है। राखड़ पाटने के बाद ऊपर मिट्टी की परत बिछा दी गई है, जो मजबूत नहीं है। बारिश के बाद लगातार मिट्टी के साथ राखड़ का कटाव हो रहा है। क्षेत्रीय पर्यावरण अधिकारी आरपी शिंदे मौके का निरीक्षण कर चुके हैं। उनका कहना है कि प्रदूषण होेने पर कार्रवाई की जाएगी। अभी ऊपर में मिट्टी नजर आ रही है। आगे भी इसकी जानकारी लेते रहेंगे।
थोड़ी-बहुत तो राखड़ बहकर जाएगी ही
{प्रावधान होने के बाद भी सेफ्टी वॉल क्यों नहीं बनाया गया? बोल्डर का उपयोग भी नहीं हुआ ?
- बोल्डर नहीं मिल पाया। जिसकी वजह से सक्षम अधिकारी से अनुमति लेकर काम कराया जा रहा है।
{बारिश के समय राखड़ बहकर दर्री बरॉज में जा रहा है। इसके लिए जिम्मेदार कौन है ?
- काम कराते समय थोड़ी-बहुत तो राखड़ जाएगी ही। उसे ठीक कर लिया जाएगा। अभी पूरा काम नहीं हुआ है।
{फिल्टर क्यों नहीं बनाया गया, इसकी वजह से राखड़ दर्री बरॉज में जा रही है ?
- बहुत से काम बाकी हैं। जहां मिट्टी का कटाव हुआ था। उसे ठीक कराया जा रहा है।
राखड़ डिस्पोज करने प्रबंधन अलग-अलग जगह पाटने के लिए जारी करता है ठेका
संजय तिवारी, ईई सिविल विभाग एचटीपीपी**
दर्री बरॉज के डूबान क्षेत्र को बता दिया लो लाइन एरिया
राखड़ डिस्पोज करने लो लाइन एरिया को चुना जाता है, लेकिन एचटीपीपी के अधिकारियों ने दर्री बरॉज के डूबान क्षेत्र को ही लो लाइन एरिया बना दिया है। जिसकी वजह से दर्री बरॉज का पानी प्रदूषित हो रहा है। इसमें जो भी प्रावधान किए गए थे, उसका पालन नहीं हो रहा है। अगर बोल्डर से सेफ्टी वॉल बनाते तो पानी राखड़ मेें नहीं जाता।
_photocaption_ इस तरह कटाव होने से दर्री बरॉज में बह रहा राखड़।*photocaption*