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मास्क की कालाबाजारी की अफसर दवा दुकानों पर नहीं कर रहे जांच

एक वर्ष पहले
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देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश में भी कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज मिलने लगे हैं। यहां तक कि जांजगीर-चांपा जिले में विदेश से लौटे एक दंपती के संदिग्ध मिलने के बाद जिले में लोग घबराने लगे हैं। इसके साथ ही दवा दुकानों में मास्क व सेनेटाइजर की डिमांड बढ़ने लगी है। डर के बाजार में दवा कारोबारी भी कमाई करने में पीछे नहीं है। जो मास्क को ओवर रेट में 4-5 गुना अधिक कीमत में बेच रहे हैं। इसी तरह सेनेटाइजर भी प्रिंट रेट से ज्यादा में बिक रहे हैं। दवा कारोबारी भले ही ज्यादा कीमत में मास्क व सेनेटाइजर बेच रहे हैं, लेकिन इसका बिल नहीं दे रहे हैं। दूसरी ओर प्रशासन ने अब तक आमजन को निर्धारित कीमत व सुलभता के साथ मास्क व सेनेटाइजर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास नहीं किया है। मास्क की कालाबाजारी रोकने न तो दवा दुकानों में जांच शुरू की गई है और न ही कोई निर्देश जारी किया गया है। फिलहाल कोरोना वायरस की बात करें तो इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से लोगों को जागरूक करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। लेकिन निर्देश पर अमल करने के लिए सरकारी विभागों के अफसरों को ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद भी अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने मास्क की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए ऐसे दवा दुकानदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

स्वस्थ लोगों के साथ ही खेलें होली


जिला स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक जिले में लोगों को कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। क्योंकि अब तक यहां संदिग्ध मरीज नहीं मिले हैं। हालांकि इससे सावधानी बरतनी जरूर चाहिए। क्योंकि संक्रमित व्यक्ति के नजदीक या संपर्क में आने पर स्वस्थ व्यक्ति को भी संक्रमण हो सकता है। इसलिए स्वस्थ लोगों के साथ होली खेलकर त्योहार बिना डर के मनाया जा सकता है। हालांकि सर्दी-खांसी व बुखार के मरीज होने पर उनसे दूर रहें।


जागरूकता कार्यक्रम नहीं शुरू किए


प्रशासनिक व स्वास्थ्य अधिकारी कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर किसी तरह का जागरूकता कार्यक्रम नहीं करा रहे हैं। न ही शहर में होर्डिंग्स व फ्लैक्स लगाए गए हैं। इससे आमजन को कोरोना वायरस के फैलने का कारण व बचाव के उपाय का पता चले। हालांकि केंद्र सरकार के निर्देश के बाद मोबाइल कंपनियों द्वारा मोबाइल पर कॉल करते समय रिंग बजने की जगह कोरोना वायरस से जुड़ी जानकारी से आमजन को जरूर जागरूक किया जा रहा है।

ओर प्रशासन ने अब तक आमजन को निर्धारित कीमत व सुलभता के साथ मास्क व सेनेटाइजर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास नहीं किया है। मास्क की कालाबाजारी रोकने न तो दवा दुकानों में जांच शुरू की गई है और न ही कोई निर्देश जारी किया गया है। फिलहाल कोरोना वायरस की बात करें तो इसको लेकर केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से लोगों को जागरूक करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। लेकिन निर्देश पर अमल करने के लिए सरकारी विभागों के अफसरों को ही जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद भी अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोगों ने मास्क की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए ऐसे दवा दुकानदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
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