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अस्पताल पहुंचने वालों के हाथों में छिड़क रहे सैनेटाइजर, आइसोलेशन वार्ड में तैयारी

एक वर्ष पहले
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कोरोना वायरस से लोगों को बचाने के लिए जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में पूरी तैयारी कर ली गई है। यहां 4 कमरों में 8 बेड की व्यवस्था है। जहां पॉजिटिव व संदिग्ध मरीज को भर्ती किया जाएगा।

आइसोलेशन वार्ड प्रभारी एमडी डॉ. प्रिंस जैन की अग्रिम आदेश तक ओपीडी के अलावा 24 घंटे ऑन कॉल ड्यूटी लगाई गई है। पॉजिटिव व संदिग्ध मरीजों से संक्रमण स्वस्थ लोगों में न फैले इसके लिए आइसोलेशन वार्ड में आमजन का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। लोगों को बेवजह जाने से रोकने के लिए वहां दरवाजे पर सिक्योरिटी गार्ड तैनात कर दिया गया है। सिक्योरिटी गार्ड के पास मास्क, हैंड ग्लब्स व सैनेटाइजर उपलब्ध कराया गया है। जिसका इस्तेमाल चिकित्सा स्टाफ व निरीक्षण करने पहुंचने वाले अधिकारी करेंगे। इसी तरह जिला अस्पताल में आने-जाने वाले सभी लोगों के हाथ में सैनेटाइजर के छिड़काव के लिए मुख्य दरवाजे पर सिक्योरिटी गार्ड की ड्यूटी लगी है।

पंचायतों से भेजा जा रहा है जांच कराने के लिए अस्पताल

जिले के विभिन्न क्षेत्र से लोग कमाने-खाने के लिए जम्मू, महाराष्ट्र, पंजाब, यूपी, कर्नाटका, तमिलनाडु समेत अन्य राज्यों में जाते हैं। कोरोना वायरस की दहशत के बीच ऐसे लोग ट्रेनों में लौट रहे हैं। गांव में आने पर अब पंचायत द्वारा उन्हें स्वास्थ्य जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। हिमांचल प्रदेश से लौटे एक युवक को उरगा क्षेत्र के एक पंचायत से जिला अस्पताल भेजा गया था। उसने बताया कि जिला अस्पताल में जांच बगैर गांव में लौटने पर प्रतिबंध लगाया गया है।


घबराने की जरूरत नहीं, इलाज की सुविधा उपलब्ध: डॉ. कुमार

जिला सर्विलेंस अधिकारी व कोरोना वायरस के नोडल अधिकारी डॉ. पुष्पेश कुमार ने बताया कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। जिला अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में संदिग्ध व पॉजिटिव मरीजों को रखने के लिए आइसोलेशन वार्ड है। जिला अस्पताल में आधुनिक उपकरणों के साथ आइसोलेशन वार्ड में इलाज की पूरी सुविधा उपलब्ध है। कोरोना वायरस से बचने के लिए जरूरी गाइड लाइन का पालन करें। लक्षण दिखने पर अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर से जरूर जांच कराए।

बाहर से आने वाले पहुंच रहे अस्पताल

जिला अस्पताल में कोरोना से बचाने के लिए डॉ. प्रिंस जैन को एम्स में ट्रेनिंग दी गई है। कोरोना के दहशत से ओपीडी में ऐसे ही मरीज अधिक पहुंच रहे हैं, जिनमें सर्दी-खांसी के साथ कोरोना वायरस जैसे लक्षण है। एक माह के भीतर दूसरे राज्यों व कोरोना वायरस से संक्रमित क्षेत्र से लौटे लोग जांच कराने के लिए उनके पास पहुंच रहे हैं। डॉ. जैन उनकी जांच करते हुए जरूरी दवाइयां लेने व होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दे रहे हैं।

उद्योगों को निर्देश- हाउसकीपिंग व्यवस्था ठीक रखें प्रबंधन

अस्पताल में लोगों को मिल रही बचाव की सलाह, एंट्री से पहले हाथों को किया जा रहा सैनेटाइज

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सभी औद्योगिक संस्थानों में 30 अप्रैल तक सावधानी बरतने निर्देश जारी किए गए हैं। सभी कार्यक्षेत्र में हाथ धोने के लिए स्थान सुनिश्चित करने, श्रमिकों और आगंतुकों के लिए साबुन व सैनेटाइजर की व्यवस्था करने निर्देश दिए गए हैं। कोई श्रमिक बीमार हैं तो उन्हें घर पर रहने प्रोत्साहित करने कहा गया है। सभी औद्योगिक संस्थानों को निर्देशित किया गया है कि नियमित हाउसकीपिंग व्यवस्था को बनाए रखें। जिसमें नियमित सफाई, उपकरण और काम के वातावरण के अन्य तत्वों को कीटाणु रहित करना शामिल है।

हाथों में सेनेटाइजर का छिड़काव।

पश्चिम बंगाल से पहुंचे लोगों से लक्षण की जानकारी लेते डॉक्टर।

आईसोलेशन वार्ड में तैनात गार्ड।
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