धर्म के सबसे बड़े केन्द्र के रूप में ऐसे विकसित हो सकती है अयोध्या

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Nov 10, 2019, 07:26 AM IST
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स

भास्कर न्यूज | नई दिल्ली

अब अयोध्या वेटिकन सिटी और मक्का के जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्थानों के रूप में विकसित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अयोध्या में यह क्षमता है क्योंकि भौगोलिक परिस्थिति और बड़े शहरों से नजदीक होना इसकी बड़ी वजह है। वर्ष 2018-19 के दौरान अयोध्या में करीब 1.5 लाख लोग आए। विशेषज्ञों का मानना है कि अयोध्या को अगर सही प्रकार से विकसित कर दिया जाए तो कम से कम वर्तमान स्थिति से 15 गुना से अधिक पर्यटक/श्रद्धालु पहुंचने लगेंगे। अयोध्या किस तरह अंतरराष्ट्रीय पर्यटन का केंद्र बन सकता है। सबसे पहले जरूरत अयोध्या की ब्रांडिंग की है। राज्य सरकार को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के होटल और रेस्त्रां चेन खुलवाने के लिए एमओयू करना चाहिए। एक और बात अयोध्या सिर्फ हिंदुओं का ही नहीं बल्कि बौद्ध और जैनियों के लिए भी महत्व रखती है। इसलिए यहां एक भव्य संग्रहालय बनाया जाना चाहिए। इसे रामचरित मानस के सात खंडों की तर्ज पर भी बनाया जा सकता है।

देश के धार्मिक महत्व के शहरों के लिए चल रही ह्रदय और शहरी बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने के लिए अमृत योजना से अयोध्या को जोड़ना। ताकि शहर में नल जल सप्लाई, सेनिटेशन, सीवर, कचरा प्रबंधन, अप्रोच रोड्स, फुटपाथ, साइकिल ट्रेक, स्ट्रीट लाइट्स आदि का उचित प्रबंध किया जाए।

(सहयोगी- डॉ. अरविंद पांडे एनआईयूए)

डॉ. सुधीर कृष्णा

केंद्रीय शहरी विकास विभाग के पूर्व सचिव

सरयू में क्रूज

अयोध्या से बहने वाली सरयू नदी को पूर्णरूप से साफ करना, काशी की तर्ज पर भव्य घाटों का निर्माण और साथ ही नाव, स्टीम और क्रूज नदी में चलाए जाने चाहिए। इससे लोगों को रोजगार और सरकार को राजस्व मिलेगा।

नया मास्टर प्लान

221 मीटर ऊंची राम भगवान की प्रतिमा के निर्माण शुरू होने के बाद अयोध्या का मास्टर प्लान फिर से बनाया जाए। जिससे लोगों को अधिक रोजगार, नये बाजार, पार्क, चौड़ी सड़कें आदि मिल सकें।

पांच प्रमुख शहरों का धार्मिक सर्किट बने

अयोध्या से लखनऊ, गोरखपुर, इलाहबाद और बनारस करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित हैं और ये शहर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। सरकार इन पांचों शहरों को जोड़कर एक सर्किट बनाए। देश की राजधानी दिल्ली से भी अयोध्या 700 किलोमीटर ही दूर है। ऐसे में दिल्ली से अयोध्या को भी एक्सप्रेस वे से जोड़ा जा सकता है।

इंटरनेशनल एयरपोर्ट

क्योंकि अयोध्या का सीधा ऐतिहासिक जुड़ाव नेपाल, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया आदि जैसे देशों से है। इसलिए अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाया जाए। 2014 में एयरपोर्ट पर एमओयू हुआ था लेकिन इस पर कोई काम नहीं हुआ।

इलेस्ट्रेशन सिर्फ समझाने की दृष्टि से बनाया है। सांकेतिक है।

इलस्ट्रेशन - सुरोजीत देवनाथ

आधुनिक स्टेशन-बस स्टैंड

अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं वाले रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड का निर्माण। एसी लोअर फ्लोर बसें और तेजस, शताब्दी की सुविधाओं वाली रेलों को अयोध्या से जोड़ा जाना चाहिए। इससे यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।

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