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सेलेब्स. वे बड़े चेहरे जो बीमारी की चपेट में हैं...

एक वर्ष पहले
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}सोशल डिस्टेंसिंग

कोरोना के फैलने का खतरा भीड़भाड़ वाली जगहों पर ज्यादा है। इसी वजह से दुनियाभर में ऐसे आयोजन टाले जा रहे हैं, जहां भीड़ जुट सकती है। जैसे अमेरिका में राजनीतिक रैलियां रद्द की जा रही हैं। वहीं भारत में आईपीएल को स्थगित किया गया है। मैचों को टाला जा रहा है।

कनाडा के पीएम की प|ी

पीएम जस्टिन ट्रूडो की प|ी सोफी ट्रूडो की भी कोरोना वायरस जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

अभिनेता टॉम हैंक्स और प|ी रीटा

ऑस्ट्रेलिया की यात्रा कर रहे अभिनेता टॉम हैंक्स ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

ऑस्ट्रेलिया के गृहमंत्री

गृह मंत्री पीटर डटन ने 13 मार्च को ट्वीट कर बताया की उनकी जांच रिपोर्ट पाॅजिटिव है।

ब्राजील के राष्ट्रपति

ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो का पहला कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया।

ब्रिटेन की स्वास्थ्य मंत्री

ब्रिटेन की स्वास्थ्य मंत्री नदीन डॉरिस ने खुद उनके कोरोना पाॅजिटिव होने की पुष्टि की।

}पैनडेमिक यानी महामारी

वर्ल्ड हेल्थ आगॅनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने महामारी को दो रूपों में माना है। वैश्विक महामारी यानी पैनडेमिक और क्षेत्रीय महामारी यानी एपिडेमिक। काेरोना का पैनडेमिक माना गया है। छह महाद्वीपों और सौ से ज्यादा देशों में फैलने के बाद डब्ल्यूएचओ ने कोरोना काे महामारी घोषित किया है।

}कोविड-19/कोरोना

कोरोना वायरस का तकनीकी नाम सार्स-सीओवी-2 है। इसके कारण होने वाली सांस की बीमारी को कोरोना वायरस डिज़ीज 2019 \\\"यानी कोविड-19\\\' नाम दिया गया है।
CO rona VI rus D-isease 2019

}सेल्फ क्वारंटाइन

सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार अगर आप इटली, चीन, ईरान और साउथ कोरिया जैसे उन देशों से आए हैं, जहां कोरोना तेजी से फैल रहा है। तो आपको 14 दिन अपने घर पर सेल्फ क्वारंटाइन के तौर पर गुजारने चाहिए। यानी खुद घर में रहकर, दूसरों से अलग हो जाना।

}आर-नॉट

आर- नॉट या आरओ किसी वायरस की मूल प्रजनन संख्या होती है। इससे बीमारी या वायरस की गंभीरता का आकलन किया जाता है। अगर यह संख्या एक या उससे ज्यादा होती है, यानी संबंधित बीमारी से ग्रस्त प्रत्येक व्यक्ति किसी एक को संक्रमित कर सकता है। लिहाजा बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है।

}इंक्यूबेशन पीरियड

संक्रमित होने से लेकर लक्षणों के दिखने के समय को इंक्यूबेशन टाइम कहा गया है। कोरोना में यह समय 14 दिन का है। लेकिन कई मामलों में सिर्फ पांच दिनों में भी लक्षण सामने आए हैं। ऐसे में वायरस की तीव्रता भी अलग-अलग है।

}फैटेलिटी रेट

यानी मृत्यु दर। डबल्यूएचओ के अनुसार कोरोना की फैटेलिटी रेट 3.4 फीसदी है। हालांकि, 80 या इससे अधिक उम्र के मरीजों में 20 फीसदी तक मौतें हुई हैं। ईरान जैसे देश, जहां डॉक्टरी सुविधाएं अन्य देशों के मुकाबले थोड़ी कमतर हैं, वहां भी मौतें ज्यादा हुई हैं।

कोरोना डिक्शनरी. इस वायरस से जुड़े वो शब्द जो इस समय सबसे ज्यादा प्रयोग में हैं...
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