रायगढ़  / 4 लॉ कॉलेजों को 8 साल में भी नहीं मिली बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता, फिर भी हर साल देते हैं प्रवेश

अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी
X
अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटीअटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी

  • अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी से संबद्ध हैं सभी कॉलेज, हर साल शर्ताें के साथ संबद्धता दे दी है यूनिवर्सिटी
  • 8 सालों के दौरान कॉलेजों से 3 बैच के 4800 छात्र हो चुके हैं पास आउट, बाकी का भी भविष्य अधर में 

दैनिक भास्कर

Jan 17, 2020, 11:28 AM IST

रायगढ़. छत्तीसगढ़ में अटल बिहारी वाजपेयी यूनिवर्सिटी और लॉ कॉलेजों के बीच चल रहे मिलीभगत के खेल ने हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा दिया है। जिले के 4 लॉ कॉलेजों को 8 साल में भी बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से मान्यता नहीं मिली है। बावजूद इसके हर साल शर्तों के साथ यूनिवर्सिटी इन कॉलेजों को संबद्धता दे रही है। जिसका फायदा उठाते हुए कॉलेज हर साल छात्रों को प्रवेश भी दे रहे हैं। खास बात कि इन 8 सालों के दौरान 3 बैच पास आउट होकर निकल चुके हैं। जिनके 4800 छात्रों के पास डिग्री तो है, लेकिन उनकी मान्यता नहीं है। 

कॉलेज बोले- फीस देने के बाद भी निरीक्षण के लिए नहीं आ रही बीसीआई टीम

दरअसल, अटल यूनिवर्सिटी से संबद्ध इन लॉ कॉलेजों का बीसीआई ने निरीक्षण करके मान्यता रिन्युवल नहीं की है। वहीं 2 लॉ कॉलेज ऐसे हैं, जिनकी मान्यता दो साल पहले ही खत्म हो गई है। फिर भी ये कॉलेज हर साल प्रवेश दे रहे हैं और यूनिवर्सिटी संबद्धता जारी कर रही। इस साल भी शर्तों के साथ डीपी विप्र लॉ, टीसीएल जांजगीर, ज्योति भूषण प्रताप सिंह लॉ कॉलेज कोरबा, स्वामी बालकृष्ण पूरी लॉ कॉलेज रायगढ़, कौशलेंद्र राव लॉ कॉलेज, शासकीय पालु राम धनिया कॉलेज रायगढ़ में संचालित लॉ कोर्स को संबद्धता दी गई है। 

इन कॉलेजों के प्राचार्यों का कहना है, नियमानुसार बीसीआई की फीस जमा करने की प्रक्रिया कर रहे हैंै, लेकिन निरीक्षण के लिए टीम नहीं आ रही। लॉ कॉलेजों की मान्यता नहीं होने से छात्रों को दूसरे राज्यों में बार काउंसिल ऑफ इंडिया रजिस्ट्रेशन नहीं कर रही। इससे एक सत्र में पास आउट 1600 से अधिक छात्रों का करियर दांव पर है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि यदि निरीक्षण के बाद कॉलेजों में कमियां मिलीं और मान्यता रोक दी ताे ऐसे कॉलेज से लॉ करने वाले छात्रों की डिग्री रद्दी हो सकती है। 

केआर लॉ कॉलेज की भी सत्र 2012 के बाद बीसीआई से मान्यता रिन्युवल नहीं हुई थी। जब बीसीआई की टीम ने निरीक्षण किया तो इस तरह की लापरवाही के लिए केआर लॉ कॉलेज को 14 लाख रुपए जुर्माना भरना पड़ा था। इसके बाद मान्यता रिन्युवल हुई और पास आउट छात्रों की डिग्री मान्य हुई। 

राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष प्रभाकर चंदेल ने कहा कि कॉलेजों की मान्यता अगर तीन साल के लिए मिली थी तो उसे खत्म होने के पहले ही निरीक्षण के लिए कॉलेजों को फीस पटाकर प्रक्रिया शुरू कर देनी थी। कॉलेजों के मान्यता की लिस्ट देखकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया को जानकारी दी जाएगी। 

लॉ कॉलेज के डीन डॉ. अन्नू भाई सोनी ने कहा कि बीसीआई को मान्यता खत्म होने की जानकारी दी गई है। निरीक्षण के लिए भी प्रक्रिया चल रही है। पिछले सत्रों से मान्यता रिनुअल हो जाती है। छात्रों को परेशानी नहीं होगी। केआर लॉ कॉलेज के प्राचार्य सतीश तिवारी ने कहा कि पिछली गलती में 14 लाख जुर्माना पटाना पड़ा था। अब फिर टीम को निरीक्षण के लिए पत्र लिखा हूं। 

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना