बीमारी का खौफ ऐसा कि पॉलिथीन में लिपटा शव सीधे मुक्तिधाम ले गए

Raigad News - जिले में स्वाइन फ्लू से मौत का पहला मामला सामने आया है। तमनार के कोलम निवासी एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई।...

Bhaskar News Network

Mar 16, 2019, 03:01 AM IST
Raigarh News - chhattisgarh news a dread of illness such that the corpse wrapped in polythene carried directly to muktidham
जिले में स्वाइन फ्लू से मौत का पहला मामला सामने आया है। तमनार के कोलम निवासी एक महिला की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। महिला पिछले एक सप्ताह से तमनार के सरकारी अस्पताल में इलाज कराने पहुंची, लेकिन यहां कार्यरत डॉक्टर ने उसे सर्दी-जुकाम की दवाई देकर रवाना कर दिया। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर परिजन उसे 10 मार्च को रायगढ़ स्थित बालाजी मेट्रो केयर अस्पताल ले गए। अस्पताल में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई और तीन दिन से वहां भर्ती थी। 13 मार्च की रात इलाज के दौरान मौत हो गई। अन्य लोग स्वाइन फ्लू की चपेट में न आए, इसलिए शव को पॉलीथिन में पैक करके उसे घरवाले 13 मार्च को कोलम तमनार लेकर पहुंचे। शव को घर की बजाय सीधे मुक्तिधाम ले गए, जहां परिजनों को दर्शन कराने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग भी जिम्मेदार है, क्योंकि बीमार महिला सबसे पहले सरकारी अस्पताल पहुंची थी, लेकिन वहां न तो स्वाइन फ्लू का सैंपल लिया और न ही टेमी फ्लू दी। इसलिए स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर परिजन मजबूरन निजी अस्पताल ले गए और स्वाइन फ्लू की पुष्टि और इलाज में देरी की वजह से महिला की मौत हो गई। पड़ोसी जिले बिलासपुर में अब स्वाइन फ्लू से पांच लोगों की मौत हो चुकी है।

तमनार की कोलम निवासी महिला की स्वाइन फ्लू से मौत

कोलम में स्वाइन फ्लू से महिला की मौत होने के बाद सीएमएचओ डॉ. एसएन केसरी शुक्रवार को अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे।

बीमारी की पुष्टि के बाद हरकत में आया महकमा

कोलम तमनार निवासी महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया। 3 दिन से क्षेत्र में घर-घर सर्वे करवाया जा रहा है। दावा है कि पीड़ित महिला के परिवार समेत आसपास के लोगों में लक्षण नहीं मिले हैं। तमनार अस्पताल की दो टीमें घर-घर मरीजों को चेक कर रही है। सीएमएचओ डॉ. एसएन केसरी शुक्रवार को मेकाहारा में स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया।

मार्च में स्वाइन फ्लू का दूसरा केस .जिले में स्वाइन फ्लू का पहला केस 10 मार्च को सामने आया, जिसमें मेकाहारा के एक डॉक्टर को बीमारी हुई। जनवरी से मार्च तक मेकाहारा में कुल 12 सैंपल लिए गए हैं। कोलम निवासी महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि रायपुर के एम्स में हुई है। जांच की सुविधा नहीं होने से सैंपल को रायपुर, जगदलपुर अथवा पुणे भेजा जाता है।

7 दिन पहले ही हुई थी स्वाइन फ्लू की पुष्टि

तमनार के कोलम में रहने वाली महिला बीमार होने पर 8 मार्च को सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची थी। डॉ ने सीबीसी की जांच करवाई, जिसकी रिपोर्ट नॉर्मल आने पर सर्दी-जुकाम व बुखार दी दवाई दी। दवाई लेने पर भी सेहत में सुधार नहीं होने पर 10 मार्च को परिजन उसको रायगढ़ ले गए। जहां जांच में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई और पीड़िता को भर्ती किया गया। 13 मार्च को उसकी मौत हो गई।

सावधानी ही बचाव, खांसते और छींकते समय टीशू पेपर या रूमाल रखें

मेकाहारा में श्वांस रोग विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर गणेश पटेल बताते हैं कि स्वाइन फ्लू से बचने के लिए खुद को अलर्ट रखना पड़ेगा। उन्होंने कहा -







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