महिलाओं की उपलब्धि समाज में सभी के लिए होती है अनुकरणीय: कलेक्टर
विश्व महिला दिवस पर कलेक्टोरेट के सृजन सभाकक्ष में महिला एवं बाल विकास विभाग ने सम्मान समारोह का आयोजन किया। मुख्य अतिथि कलेक्टर यशवंत कुमार ने कहा कि आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। रायगढ़ जिले की बात करें तो यहां की महिलाएं खेल, कला, शिक्षा, साहित्य सभी क्षेत्रों में अपना अलग मुकाम हासिल कर रही है तथा उनकी उपलब्धियां समाज में सभी के लिए अनुकरणीय है।
कलेक्टर ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के तहत जिले में किए जा रहे कार्य से लिंगानुपात में तेजी से सुधार हो रहा है। इसका श्रेय मुख्यत: महिलाओं की जाता है। हालांकि कुछ मामले जैसे कुपोषण, घरेलू हिंसा, लैंगिक उत्पीडऩ अभी भी समाज में व्याप्त है, जिनसे निपटने के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर हर संभव प्रयास किया जा रहा है। आवश्यकता है तो महिलाओं को अपने अधिकारों तथा जरूरतों के प्रति जागरूक होकर अपनी आवाज बुलंद करने की तथा आत्मनिर्भर बनने व खुश रहने की। उन्होंने आगे महिलाओं से आग्रह करते हुए कहा कि अपने पोषण एवं व्यक्तित्व विकास पर समुचित ध्यान दें। शारीरिक व मानसिक रूप से मजबूत बनने का पूरा प्रयास करें। क्योंकि एक सुपोषित व सुशिक्षित महिला से पूरे परिवार की नींव मजबूत होती है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी टीके जाटवर ने महिलाओं के संवैधानिक प्रावधान के साथ विकासवाद को जोड़ते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर जितना सामाजिक बंधन लगायेंगे उतना ही विकास बाधित होगा। हमारे देश के संस्कृति, संविधान ने हमें जो दिया है उसे प्रोत्साहित करें तभी हम एक दूसरे के साथ आगे बढ़ सकते है। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनिता नायक, काजल विश्वास, समूह कार्यकर्ता रोहिणी पटनायक को उत्कृष्ट कार्य के लिए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। वहीं भुवनेश्वरी चौहान ने ओ री चिरैया गीत पर प्रस्तुति दी। उन्हें भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने रेडी टू ईट से विभिन्न व्यंजन बनाकर प्रस्तुत किया। जिसमें सीमा मिश्रा द्वारा रेडी टू ईट से बनाए रसमलाई को सर्वश्रेष्ठ व्यंजन घोषित करते हुए स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिला संरक्षण अधिकारी चैताली राय विश्वास, सरिता गुप्ता, यामिनी गुप्ता, बीना पुरसेठ व दीपा बघेल ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं।