आईएएस अफसर को मारने की कोशिश करने वाला गिरफ्तार

Raigad News - अवैध खनन रोकने पहुंचे सहायक कलेक्टर (ट्रेनी आईएएस अफसर) और उनकी टीम पर जानलेवा हमला करने वाले शातिर खनन माफिया...

Bhaskar News Network

May 17, 2019, 07:30 AM IST
Raigarh News - chhattisgarh news arrested trying to kill ias officer
अवैध खनन रोकने पहुंचे सहायक कलेक्टर (ट्रेनी आईएएस अफसर) और उनकी टीम पर जानलेवा हमला करने वाले शातिर खनन माफिया अमृत पटेल को पुलिस ने ओडिशा में गिरफ्तार किया है। 11 अप्रैल की रात वारदात के बाद आरोपी एक माह से देश के अलग-अलग राज्यों में चक्कर काट रहा था। उस पर खनिज अधिनियम के तहत पहले भी कई बार मामले दर्ज हैं।

शहर के कोतरा रोड में गजानंदपुरम का रहने वाला अमृत पटेल कई सालों से सारंगढ़ टिमरलगा में पत्थरों की अवैध खदान चलाता था। सारंगढ़ के टिमरलगा, गुड़ेली इलाके में अवैध खनन की शिकायतों के बाद 11 अप्रैल की रात सहायक कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी माइनिंग की टीम के साथ जांच और कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। दूर से खदान में काम होता देख चतुर्वेदी टीम के साथ वहां पहुंचे। यहां अमृत पटेल जेसीबी और अन्य वाहनों के साथ पत्थर की खुदाई और परिवहन में लगा था। अमृत ने सहायक कलेक्टर चतुर्वेदी और डिप्टी डायरेक्टर माइनिंग एसएस नाग को देखा तो भड़क गया। वह गालियां देता हुआ जेसीबी से दोनों को कुचलने का प्रयास किया। अफसर वहां से हट गए और बड़ी मुश्किल से जान बचा पाए। हमले में डिप्टी डायरेक्टर नाग को चोट भी लगी। अफसरों ने पुलिस को बुलाया तब तक अमृत वहां से भाग निकला। आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। उसने बचने के लिए राजनीतिक आड़ लेने की कोशिश की लेकिन विधायकों और कांग्रेसी नेताओं ने उस पर कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस व प्रशासन को फ्री हैंड दिया। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी अमृत पटेल और उसके साथी कन्हैया पटेल को कनकतुरा-रेंगालपाली में पकड़ने की बात कही। शाम को प्रेस कांफ्रेंस करके मीडिया को आरोपी के गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी अमृत के हर लोकेशन की जानकारी थी लेकिन वह घेराबंदी करने से पहले ही वहां से भाग जाता था।

पांच राज्यों के अलावा नेपाल में छिपा, एक महीने बाद धराया

रायगढ़ से पुरी में जाकर रुक गया। कुछ दिनों बाद भुवनेश्वर से बरगढ़। यहां से सड़क मार्ग से रायपुर। रायपुर से ट्रेन रूट से दिल्ली। दिल्ली से नेपाल। नेपाल के अलग-अलग गांवों में घूमने के बाद यहां से गोरखपुर। गोरखपुर से प्रयागराज। प्रयागराज से बिलासपुर। यहां से दोबारा पुरी। पुरी से भुवनेश्वर से नासिक से शिरडी। शिरडी से दोबारा नासिक। नासिक से रायपुर। इसके बाद बिलासपुर से कोलकाता। कोलकाता से भुवनेश्वर और यहीं से टीम ने इसका पीछा करते हुए बरगढ़ के रास्ते रेंगालपाली के पास पकड़ा।

शातिर है लेकिन पहले सख्त कार्रवाई नहीं हुई

ऐसा नहीं है कि अमृत पटेल अब माफिया बना है। उसके हौसले कई सालों से बुलंद हैं। दो साल पहले भी उसने कार्रवाई करने गई माइनिंग की टीम को बंधक बना लिया था। अवैध खनन और परिवहन उसकी आदत बन चुकी है। कई बार कार्रवाई हुई लेकिन पुलिस या प्रशासन ने कभी सख्ती नहीं दिखाई इसलिए हौसले इतने बढ़े कि अफसर को कुचलने की कोशिश कर दी। आरोपी के विरुद्ध सारंगढ़ में पहले से कई मामले दर्ज हैं जिनमें साल 2002 में धारा 147,148,149 और धारा 509, 294, वर्ष 2013 में 186, 188, 2014 में धारा 294, 506, 323, 341, 427 साल 2018 में धारा 379 4(21) खनिज अधिनियम और सारंगढ़ टिमरलगा में सहायक कलेक्टर और उनकी टीम पर हमला करने को लेकर धारा 186, 332, 353, 307, 294, 506, 341 34 आईपीसी और अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धाराओं सहित विद्युत अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

भास्कर न्यूज | रायगढ़

अवैध खनन रोकने पहुंचे सहायक कलेक्टर (ट्रेनी आईएएस अफसर) और उनकी टीम पर जानलेवा हमला करने वाले शातिर खनन माफिया अमृत पटेल को पुलिस ने ओडिशा में गिरफ्तार किया है। 11 अप्रैल की रात वारदात के बाद आरोपी एक माह से देश के अलग-अलग राज्यों में चक्कर काट रहा था। उस पर खनिज अधिनियम के तहत पहले भी कई बार मामले दर्ज हैं।

शहर के कोतरा रोड में गजानंदपुरम का रहने वाला अमृत पटेल कई सालों से सारंगढ़ टिमरलगा में पत्थरों की अवैध खदान चलाता था। सारंगढ़ के टिमरलगा, गुड़ेली इलाके में अवैध खनन की शिकायतों के बाद 11 अप्रैल की रात सहायक कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी माइनिंग की टीम के साथ जांच और कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। दूर से खदान में काम होता देख चतुर्वेदी टीम के साथ वहां पहुंचे। यहां अमृत पटेल जेसीबी और अन्य वाहनों के साथ पत्थर की खुदाई और परिवहन में लगा था। अमृत ने सहायक कलेक्टर चतुर्वेदी और डिप्टी डायरेक्टर माइनिंग एसएस नाग को देखा तो भड़क गया। वह गालियां देता हुआ जेसीबी से दोनों को कुचलने का प्रयास किया। अफसर वहां से हट गए और बड़ी मुश्किल से जान बचा पाए। हमले में डिप्टी डायरेक्टर नाग को चोट भी लगी। अफसरों ने पुलिस को बुलाया तब तक अमृत वहां से भाग निकला। आरोपी की सरगर्मी से तलाश की जा रही थी। उसने बचने के लिए राजनीतिक आड़ लेने की कोशिश की लेकिन विधायकों और कांग्रेसी नेताओं ने उस पर कड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस व प्रशासन को फ्री हैंड दिया। गुरुवार को पुलिस ने आरोपी अमृत पटेल और उसके साथी कन्हैया पटेल को कनकतुरा-रेंगालपाली में पकड़ने की बात कही। शाम को प्रेस कांफ्रेंस करके मीडिया को आरोपी के गिरफ्तारी की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी अमृत के हर लोकेशन की जानकारी थी लेकिन वह घेराबंदी करने से पहले ही वहां से भाग जाता था।

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