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दशहरे के दस िदन बाद दोपहर को शहर में लौटे बादल तेज हवा के साथ आधा इंच बारिश, तीन घंटे बिजली गुल

Raigarh News - मौसम का मिजाज शुक्रवार को एकाएक बदल गया। दोपहर बाद अचानक काले बादलों का घेरा छा गया। शाम 4 बजे तेज हवा चली और बारिश...

Oct 19, 2019, 07:35 AM IST
मौसम का मिजाज शुक्रवार को एकाएक बदल गया। दोपहर बाद अचानक काले बादलों का घेरा छा गया। शाम 4 बजे तेज हवा चली और बारिश शुरू हो गई। इसके बाद रुक-रुक कर बारिश की बूंदें बरसती रही। जिले में करीब आधा इंच बारिश हुई। वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ने से तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट रिकार्ड की गई।

जिले के अन्य हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। 8 साल बाद अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में ऐसी बारिश हुई है। इससे पहले 2011 में बारिश हुई थी। फिलहाल मौसम विभाग के अनुसार ईस्ट सेंट्रल मध्यप्रदेश में बने चक्रीय चक्रवात के प्रभाव से रायगढ़ समेत छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में अगले 72 घटों तक हल्की से मध्यम बारिश के आसार है। विशेषज्ञों को कहना है कि अक्टूबर से दिसंबर के बीच साइक्लोनिक गतिविधियां अधिक होती है। हालांकि इस बार अबतक कोई फायलिन व हुदहुद जैसे ताकतवर साइक्लोन नहीं बने है। उन्होंने यह भी बताया कि ईस्ट सेंट्रल एमपी में बने चक्रीय चक्रवात काफी मजबूत है। इसलिए ज्यादा समय तक इसका प्रभाव छत्तीसगढ़ में रहेगा।

इस तरह घटता गया पारा

27 डिग्री सुबह- 9 बजे

31 डिग्री दोपहर 3 बजे

26 डिग्री रात 9 बजे

जानकारी मौसम वेबसाइट के अनुसार

29 डिग्री दोपहर 12 बजे

28 डिग्री शाम 6 बजे

22 डिग्री रात 12 बजे

यहां जाेरदार बरसे बादल

कोसीर, सारंगढ, लेंध्रा, जशपुर कछार, उल्खर,चंद्रपुर, छिंद, पसकोल, परसोदा, केडार, सालर कनकबीरा बटाऊ पाली मलदा, गोडम, टीमरलगा, गुड़ेली में दोपहर बाद एक घंटे तक तेज बारिश फिर देर शाम तक रूक-रूककर बारिश होते रही। खरसिया, भूपदेवपुर, घरघोड़ा धरमजयगढ़ में भी अच्छी बारिश होने की सूचना मिली है।

साइक्लोन के लिए अनुकूल

कारण- मानसून की विदाई के बाद ऊपरी सतह कमजोर होती है। इस दौरान हवा की गति भी कम होती है, ऐसे में क्षैतिज गति से आने वाली हवा आसानी से आगे बढ़ जाती है और साइक्लोन फार्मेशन हो जाता है। यही वजह है कि अक्टूबर से दिसंबर का समय साइक्लोन के लिए अनुकूल होता है।

72 घंटे रहेगा प्रभाव


हवा में गिर गई फसल कीट का भी खतरा

खेतों में लगी धान की फसल पकने की स्थिति में है। रोपाई व बोआई में पिछड़ने के बाद धान की फसलों में भी दाने छिटकने लगे हैं। कृषि विश्वविद्यालय रायगढ़ के डॉ. एके सिंह पादप रोग विशेषज्ञ ने बताया कि फसल पकने की स्थिति में है। नमी से कीट प्रकोप बढ़ेगा।

तीन जगहों पर फाल्ट, 3 घंटे गुल रही बिजली

बारिश और हवा से जोन वन में तीन जगहों पर फाल्ट आया। दोपहर तीन बजे ढिमरापुर लाइन में केबल जलने से बिजली गुल हो गई। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद विभाग ने रात सवा सात बजे सप्लाई शुरू की। इसके अलावा हंडी चौक और एसपी कार्यालय के नजदीक भी डियो उड़ने से डेढ़ से दो घंटे सप्लाई बंद रही। इस दौरान के शहर का 30 फीसदी हिस्से में लाइन बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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