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रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण जरूरी लेकिन 12 लोगों का बेजा कब्जा इसलिए काम रुका

एक वर्ष पहले
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अतिक्रमण हटने के बाद
काम शुरू हो पाएगा


केबी अश्विनी कुमार, ईई,पीडब्ल्यूडी सेतु मंडल

हमने तुरंत नोटिस दिया है


लापरवाही

कोतरा रोड ओवरब्रिज
का काम अटका


कोतरा रोड रेलवे क्रासिंग में 72 करोड़ रुपए का ओवरब्रिज बनाया जाना है। दिल्ली की कम्पनी को काम दिया गया है। नजूल जमीन पर 12 अतिक्रमणकारियों का कब्जा नहीं हट पाने की वजह से वहां काम शुरू नहीं हो पा रहा है। कोतरा रोड थाने के आगे चौराहे तक 100 फीट की सड़क है, लेकिन आगे जाकर सड़क की चौड़ाई 50 फीट रह गई है। रेलवे क्रासिंग के दोनों छोर में नजूल जमीन पर 12 लोगों ने दुकान और मकान बना दिए हैं। ओवरब्रिज बनाने वाली दिल्ली की कंपनी पीआरएल प्रोजेक्ट ने अतिक्रमण हटाने के बाद काम शुरू हो पाने की बात कह दी है। पिछले तीन महीने से विभाग के अफसर राजस्व अमले को अतिक्रमण हटाने के लिए कह रहे हैं। कुछ दिनों पहले उन्हें हटने के लिए नोटिस भी दिया जा चुका है, लेकिन कब्जे हटाए नहीं गए हैं।

जो लोग रह रहे हैं उनका व्यवस्थापन करेंगे

एसके शर्मा, ईई हाउसिंग बोर्ड

हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनी
नहीं बन पा रही है


गढ़उमरिया औरदा मार्ग के करीब ढ़ाई एकड़ जमीन हाउसिंग बोर्ड को कॉलोनी के लिए आवंटित हो चुकी है। इसमें एलआईजी और ईडब्ल्यूएस मकान बनने हैं। नजूल जमीन में करीब 9 लोगों ने घर बनाए हुए हैं। यहां अतिक्रमण लगातार जारी है। अतिक्रमण हटाने के लिए राजस्व विभाग के साथ हाउसिंग बोर्ड के अफसर गए थे लेकिन पहले बेजा कब्जाधारियों ने विरोध किया। उसके बाद जनप्रतिनिधि भी अतिक्रमणकारियों के समर्थन में आ गए और कार्रवाई रुकवा दी। आठ वर्ष पहले यह जमीन हाउसिंग बोर्ड को मिली थी लेकिन अवैध कब्जे नहीं हटने के कारण हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बनाने की स्वीकृति नहीं ले पा रहा है। राजस्व विभाग और नगर निगम शहर के भीतर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं लेकिन गढ़उमरिया में सालों बाद भी कब्जा नहीं हटाया जा सका है।

कब्जा हटे तो जल्दी बनेगा रेलवे ओवरब्रिज
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