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सर्जिकल वार्ड में कूलर बंद, हाथ पंखे से मरीज को हवा दे रही पत्नी, ऐसी हालत सभी वार्डों में, कहीं एक तो कहीं दो कूलर बंद

Raigarh News - मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की हालत खराब है। भीषण गर्मी में वार्डों में कूलर तक के...

Bhaskar News Network

Jun 17, 2019, 07:15 AM IST
Raigarh News - chhattisgarh news cooler closure in the surgical ward the wife giving wind to the fan the condition of all the wards somewhere two coolers off
मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की हालत खराब है। भीषण गर्मी में वार्डों में कूलर तक के इंतजाम नहीं हैं। सबसे अधिक परेशानी दूसरी मंजिल में स्थित वार्डों की है। आर्थोपेडिक, सर्जरी वार्डों में दोपहर के वक्त भट्ठी की तरह गर्म रहता है। कूलरों की संख्या कम होने से ऐसे हालात पैदा हो रहे हैं। जहां कूलर लगे भी हैं, ज्यादातर कूलरों के मोटर खराब हैं तो कई कूलर पूरी तरह से बंद हैं। गर्मी से बचने के लिए मरीज के परिजन हाथ पंखा का सहारा लेकर गर्मी दूर कर रहे हैं।सर्जरी वार्ड में भर्ती मरीज को टांका लगा है। टांका गलने के बाद मरीज के परिजन को बाजार से हाथ पंखा खरीदकर लाना पड़ा।

पिछले डेढ़ एक महीने से गर्मी चरम पर है। अधिकतम तापमान भी 45 से 47 तक पहुंच चुका है। हालत यह है कि कूलर के सामने भी लोगों को राहत नहीं मिल रही। बावजूद अस्पताल में गंभीर अवस्था में भर्ती होने वाली मरीजों की सेहत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। गर्मी की वजह से मरीजों की हालत सुधरने की बजाय बिगड़ती जा रही है। अस्पताल के अधिकांश वार्डों में कूलर खराब पड़े हैं। भास्कर ने जब दोपहर एक बजे अस्पताल का जायजा लिया तो मरीजों की हालत खराब मिली। वार्डों से डॉक्टर गायब थे, ओपीडी भी औपचारिक रूप से संचालित मिली। धरना प्रदर्शन के कारण अधिकांश डॉक्टर गायब थे।

कूलर खराब होने से परिजन व मरीज हाथ पंखे से चला रहे काम।

भास्कर लाइव - सर्जरी वार्ड दूसरे फ्लोर पर है। दोपहर के वक्त वार्ड तपता है। बावजूद यहां तीन वार्ड हैं। मेल, फिमेल सर्जरी के साथ बर्न वार्ड भी यहां है। मेल सर्जरी वार्ड में भर्ती 40 साल के अमर सिंह ने बताया कि सोमवार की शाम उनका दुर्घटना हो गया था। बरमकेला पीएचसी में आरंभिक उपचार के बाद उन्हें मेकाहारा रेफर किया गया। यहां उन्हें कूलर के सामने बिस्तर दी गई। इससे वे निश्चिंत रहे कि गर्मी में ज्यादा परेशानी नहीं होगी। मगर ये क्या यहां तो बंद पड़ा हुआ था। एक रात बिना पंखे के गुजारने के बाद उनकी हालत और बिगड़ने लगी। दूसरे दिन उनकी प|ी ने बाजार से हाथ का पंखा खरीदा और तब से वो अपने पति को हाथ के पंखे से हवा दे रही है।

अन्य वार्डों के हालात

चिल्ड्रन वार्ड - यहां दो कूलर लगे हैं लेकिन एक कूलर पिछले तीन दिन से बंद है। मरीजों ने बताया कि कूलर नहीं होने से बच्चे की हालत बिगड़ रही है। डॉक्टरों को भी बोला, लेकिन कूलर नहीं लगाया गया। इस सप्ताह इस वार्ड में बच्चों की संख्या भी बढ़ गई है।

आर्थोपेडिक वार्ड - आर्थोपेडिक वार्ड में दो कूलर लगे है। एक खराब है। यहां भर्ती मरीजों का बुरा हाल था। मरीज घर से पंखे लाकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास करते नजर आए। मरीजों ने कहा कि दूसरे फ्लोर में वार्ड होने से उन्हें बहुत परेशानी हो रही है।


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