जिला परिवहन अब स्थाई लाइसेंस के लिए हर दिन लेगा ड्राइविंग टेस्ट
जिला परिवहन विभाग अब 12 मार्च से सप्ताह में छह दिन ड्राइविंग टेस्ट लेगा। जिससे स्थाई लाइसेंस के लिए दो से तीन माह तक इंतजार करने वाले आवेदकों को स्थाई लाइसेंस जल्दी मिल सकेगा। जिला परिवहन पदाधिकारी सुमित अग्रवाल ने बताया जल्दी लाइसेंस देने और रेवेन्यू जेनरेशन को बढ़ाने के लिए यह सुविधा शुरू की गई हैं। बताते चले कि जिला परिवहन विभाग से लाइसेंस लेने में एक से दो माह का समय लग जाता हैं। ऑनलाइन प्रकिया में हर दिन तीन सौ लोग आवेदन करते हैं। लर्निंग परीक्षा पास करने के बाद स्थाई लाइसेंस का आवेदन करने वाले आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट के लिए भी 15 से 20 दिन बात की तारीख दी जाती है। जिससे एक दिन में 50 से 60 लोगों का ही टेस्ट हो पाता है। कई लोग टेस्ट के दौरान अनुपस्थित रहते हैं।
लर्निंग की प्रक्रिया को किया जाएगा तेज
डीटीओ ने बताया कि स्थाई लाइसेंस के बाद अब लर्निंग प्रकिया को भी तेज किया जाएगा। लर्निंग लाइसेंस के लिए हर दिन 3 सौ लोग आवेदन करते हैं। जिसके बाद उन्हें एक माह बाद कंप्यूटर टेस्ट के लिए बुलाया जाता हैं। 10-15 मिनट के टेस्ट में हर दिन डेढ़ से दो सौ लोगों को टेस्ट लिया जाता हैं। उन्होंने बताया कि स्थाई लाइसेंस में अभी तीन माह तक की पेडिंग हैं। जिसे पूरी कर लर्निंग की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
सप्ताह में 6 दिन लिया जाएगा टेस्ट
सुमित अग्रवाल, जिला परिवहन पदाधिकारी
लाइसेंस और रेवेन्यू जेनरेशन में मिलेगी मदद
सप्ताह में छह दिन ड्राइविंग टेस्ट कराने के पीछे विभाग की अपनी मंशा साफ झलक रही हैं। बताते चलें कि जिले में लंबे समय से आवेदन के तीन माह तक लाइसेंस नहीं मिल पा रहे थे। कर्मचारियों की कमी और आवेदन की लगातार पेंडिंग होने के बाद भी विभाग सप्ताह में दो दिन ही टेस्ट कराया जा रहा था। विभागीय सूत्रों की माने तो यह निर्णय रेवेन्यू को जेनरेट करने के लिए किया गया हैं। जबकि डीटीओ इसे दोनों ही मान रहे हैं।