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जानबूझकर तो नहीं बढ़ा रहे अरहर दाल के दाम, पखवाड़े भर में 120 रुपए किलो, 4 साल पहले छापेमारी से घटी थी कीमत

Raigarh News - अरहर दाल की कीमत 120 रुपए पहुंच गई है। पखवाड़े भर पहले दाल की कीमत सौ रुपए हुई तो लोग हैरान हुए थे लेकिन अब दाल ने...

Bhaskar News Network

Jun 14, 2019, 07:20 AM IST
Raigarh News - chhattisgarh news do not knowingly raise the price of tur dal rs 120 kg in fortnight 4 years ago by raiding the price
अरहर दाल की कीमत 120 रुपए पहुंच गई है। पखवाड़े भर पहले दाल की कीमत सौ रुपए हुई तो लोग हैरान हुए थे लेकिन अब दाल ने परेशानी बढ़ाना शुरू कर दिया है। अचानक कीमत बढ़ने से सवाल उठ रहा है कि कहीं जानबूझकर तो कृत्रिम कमी बताकर कीमत नहीं बढ़ाई जा रही है, क्योंकि चार साल पहले 2015 में ऐसे ही दाम बढ़ाए गए और कीमत 200 रुपए तक हो गई थी।

दाल मिलों में छापेमारी के बाद कीमत घटी। दाल व सब्जियों के बिना रसोई तैयार करना मुश्किल है। अधिकांश बच्चे दाल के बगैर खाना नहीं खाते। ऐसे में सामान्य परिवारों की मुश्किल बढ़ गई है। जानकारों का कहना है कि जानबूझकर कृत्रिम कमी बताकर दाल की कीमतें बढ़ाई जाती हैं। ऐसा पिछले वर्षों में हो चुका है। अच्छी क्वालिटी की दाल थोक में 100 रुपए किलो में मिल रही है लेकिन फुटकर बाजार में कीमत 120 रुपए तक पहुंच चुकी है। शनिचरी बाजार में क्वालिटी से समझौता करने पर सौ रुपए कीमत में दाल मिल जा रही है। व्यापार विहार से तो कोरबा, रायगढ़, अंबिकापुर, कटघोरा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली जिले में अरहर दाल की सप्लाई होती है। यहां कीमत बढ़ने का असर वहां भी होता है।

तीन साल बाद जून में बढ़ी इतनी कीमत

बता दें कि जून 2017 में दाल की कीमत 120 रुपए पहुंची थी। इसके बाद 2016, 2017 व 2018 में कीमत 100 रुपए के अंदर रही। दाल व्यापारियों के मुताबिक समर्थन मूल्य बढ़ने, आवक कमजोर व रिटेलर की मार्जिन के कारण कीमत बढ़ी है। पखवाड़े भर पहले महाराष्ट्र में दाल का समर्थन मूल्य 4900 रुपए से बढ़ाकर 5675 रुपए किए जाने के बाद दाल की कीमत में उछाल आया। थोक में कीमत उस तरह नहीं बढ़ी है।

2015 में 200 रुपए किलो हो गई थी कीमत

अधिक बारिश व सूखे की वजह से 2015 में लातूर और मराठवाड़ा के इलाके में दलहन की फसल कम हुई जिसका असर देश के अन्य इलाकों के साथ ही छत्तीसगढ़ में भी पड़ा। इस वजह से 2015 में दाल की कीमत एक साल में तीसरी बार बढ़ गई थी। नवंबर में कीमत 200 रुपए किलो तक हो गई और प्रशासन की छापेमारी के बाद कीमत धीरे-धीरे घटी थी। प्रशासन को 120 रुपए किलो में दाल बेचना पड़ा था।

इन दाल मिलों में छापे पड़े तो घटे थे दाम

2015 में ईश्वर ऑयल दाल मिल में 4707 क्विंटल, राकेश कोल्ड स्टोरेज में 3,400 क्विंटल, चंद्रा एंड चंद्रा कोल्ड स्टोरेज में 1483 क्विंटल, महामाया मिल में 106 क्विंटल, वेलकम मिल 90 क्विंटल, जय अंबे मिल 10 क्विंटल, विशाल दाल सिरगिट्टी 155 क्विंटल, रोशन दाल में 268.5 क्विंटल तो विनीत मिल में 105 क्विंटल दाल जब्त किया गया था। इन जांच का आगे क्या हुआ पूछने पर प्रभारी खाद्य नियंत्रक दिनेश्वर प्रसाद फाइल देखकर ही कुछ बताने की बात कह रहे हैं।

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