पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मेकाहारा के डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर निकाला 28 किलो का ट्यूमर, 8 सालों से परेशान सुशीला को मिला नया जीवन

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

मेकाहारा हास्पिटल में 6 डॉक्टरों की टीम ने 28 किलो का ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर महिला को जीवनदान दिया है। किलकिला लकराधरा निवासी सुशीला तिर्की आठ साल से ट्यूमर से परेशान थीं। ऑपरेशन के बाद सुशीला को एस आईसीयू विभाग में डाक्टरों की विशेष देख-रेख में रखा गया है।

सुशीला तिर्की की बड़ी बहू अनिता तिर्की ने बताया कि आठ साल पहले उन्हें यह दिक्कत शुरू हुई थी। प्रारंभ में सिर्फ पेट दर्द करता था, जिससे जड़ी बूटी और झाड़ फूंक कराई जा रही थी। धीरे-धीरे ट्यूमर बढ़ने से सुशीला को चलने में दिक्कत होने लगी। लेकिन पैसों की तंगी के चलते वह अपनी बीमारी को छिपाती रही। अनिता ने बताया कि गांव के ही एक देवर ने इसे डॉक्टर काे दिखाने की सलाह दी थी। तब उन्हें मेकाहारा लाया गया था। डॉ. त्रिभुवन साहू ने बताया कि प्रारंभ में ट्यूमर में कैंसर के लक्षण की जांच के लिए रायपुर रेफर किया गया था। लेकिन कैंसर न होने की रिपोर्ट के बाद ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। माता पूरी तरह से स्वस्थ हैं डॉक्टरों ने उन्हें एक नया जीवन दिया है।

शरीर का न्यूट्रीशन खींच लेता है ट्यूमर

डाक्टरों ने बताया कि शरीर के अंदर कोई भी गांठ शरीर से उपयोगी न्यूट्रीशन खींच लेती है। जिससे मनुष्य के अतिरिक्त बॉडी को पोषक तत्व नहीं मिल पाते। ऐसे में रोगी अपनी डाइट से ज्यादा खाना खाने लगता है लेकिन उसका फायदा उसके शरीर से ज्यादा ट्यूमर को होता है। यही कारण है कि ट्यूमर का विकास बहुत तेजी से होता हैं।

ट्यूमर को जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा

अस्पताल में 2018 में 12 किलो वजन का ट्यूमर निकाला गया था। उसके बाद यह यह केस किया गया है। डा. साहू ने बताया कि महिलाओं में चार तरह के ट्यूमर होते हैं, इसलिए महिलाओं को चाहिए की वह रेगुलर अपने शरीर का ध्यान दे, किसी तरह की दिक्कत होने पर डाक्टरों की सलाह लेकर ही इलाज करें।
खबरें और भी हैं...