मांगें पूरी होने तक आईटी अफसर दफ्तर में ही रहेंगे
अफसर और कर्मचारी विरोध में आए, कहा- नही करेंगे सर्वे
इनकम टैक्स विभाग के अफसर और कर्मचारी के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने, न्यूनतम वेतन व फिटनेस फार्मूले में बढ़ोत्तरी, एचआए का एरियर्स 1 जनवरी 2016 से देने जैसी 10 मांगों को लेकर इनकम टैक्स अफसर और कर्मचारी विरोध में आ गए हैं।
गुरुवार से अफसर इनकम टैक्स सर्वे और छापों पर नहीं जाएंगे। फरवरी, मार्च में कर चोरी करने वालों पर सर्वे और छापों की कार्रवाई होती है। कुछ दिनों पहले तक पूरे प्रदेश के बड़े शहरो में सर्वे और छापों पर बड़ी कार्रवाई की गई थी, जो लगातार हफ्तेभर तक चली। उसके बाद कार्रवाई रुक गई है। अब अफसर कह रहे हैं कि वह सिर्फ विभाग में ही काम करेंगे।
शनिवार को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के चेयरमैन के साथ राजपत्रित आयकर अधिकारी संघ और आयकर कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों की बैठक थी, लेकिन इस बैठक में मांगों को लेकर कोई सकारात्मक परिणाम देर शाम तक नहीं मिले। इनकम टैक्स कर्मचारी संघ के लोगों ने बताया कि रायगढ़, जांजगीर, कोरबा जैसे शहरों में इनकम टैक्स ऑफिसर (आईटीओ), इंस्पेक्टर और अन्य कर्मचारी ही सर्वे और छापे करते हैं। बड़ी कार्रवाइयों का नेतृत्व इनकम टैक्स के क्लास वन अफसर करते हैं। बहरहाल अफसरों और कर्मचारियों के छापे और सर्वे काम पिछड़ने से सरकार को आर्थिक नुकसान हो सकता था वहीं टैक्स चोरों का इसका लाभ मिल सकता है।
3 वर्षों की तुलना में कम टैक्स कलेक्शन
इनकम टैक्स अफसरों के अनुसार इनकम टैक्स कलेक्शन पिछले तीन वर्षों की तुलना में इस बार काफी कम हुआ है। इसे देखते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने टैक्स चोरी और कम रिटर्न भरने वाले लोगों की जानकारी कलेक्ट करके इनकम टैक्स अफसरों को कार्रवाई के लिए कहा गया है। कर्मचारी और अफसरों के इस मांगों पर यदि सरकार कुछ कदम उठाने के बाद फिर से सर्वे और छापो की कार्रवाई शुरू होगी।