10 दिनों में बुखार व डायरिया के 195 मरीज पहुंचे मेकाहारा

Raigarh News - मौसम में बदलाव का असर बच्चों के सेहत पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। बुखार के साथ ही बच्चे सर्दी व खांसी की चपेट में आने...

Bhaskar News Network

Jul 14, 2019, 07:20 AM IST
Raigarh News - chhattisgarh news mechahara 195 patients of fever and diarrhea in 10 days
मौसम में बदलाव का असर बच्चों के सेहत पर सबसे ज्यादा पड़ रहा है। बुखार के साथ ही बच्चे सर्दी व खांसी की चपेट में आने लगे हैं। इससे निजी व सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ भी बढ़ने लगी है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में बदलाव के कारण बच्चों में बुखार, सर्दी-खांसी सहित उल्टी, दस्त व पेट दर्ज की शिकायत ज्यादा है। 10 दिनों में मेकाहारा में बुखार और डायरिया के कुल 195 बच्चों का इलाज किया गया।

बारिश के दिनों में सावधानी बेहद जरूरी है क्योंकि यह कई बीमारियां भी संग लाती है। मानसून आते ही मौसमी बीमारी बढ़ जाती है। डायरिया, मलेरिया, डेंगू्, टाइफाइड, उल्टी, दस्त और बुखार जैसी शिकायतें आम हो जाती हैं। थोड़ी सी असावधानी से बीमारी का खतरा बढ़ जाता है इस मौसम में बीमारी से बचने के लिए बचाव से बेहतर कुछ नहीं होता है। माह के शुरू से ही तेज बारिश और उसके बाद उमस भरी गर्मी का बच्चों के स्वास्थ्य पर काफी प्रतिकूल असर पड़ा है। मेकाहारा के पिडियाट्रिक विभाग में जहां सामान्य दिनों 50-60 की ओपीडी होती है। वहीं इन दिनों 100-125 बच्चे ओपीडी पहुंच रहे हैं। अधिकांश बच्चे तेज बुखार के साथ सामान्य सर्दी व खांसी से परेशान है। वहीं दूषित खान-पान से उल्टी, दस्त व पेट दर्द की शिकायते काफी बढ़ गई है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अकेले मेकाहारा में 1 से 10 जुलाई तक बुखार के 147 बच्चे और डायरिया के 48 बच्चों का इलाज किया गया। यानी रोजाना औसतन 15 से 20 बच्चे बुखार और 10 से 15 बच्चे डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।

बुखार हो तो शीघ्र डॉक्टर से मिलें- बरसात में मलेरिया का भी डर रहता है। बुखार आना, पसीना आना, सिर दर्द होना, एक अंतराल के बाद दोबारा बुखार आना, बेहोश होना, ठंड लगना इसके लक्षण है। इससे बचने के लिए आस-पास जल-जमाव न होने दें। मच्छरों से बचने मॉस्किटो कोइल या लिक्विड के बजाए मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। बुखार को हल्के में न लें और डॉक्टर से संपर्क करें।

बीमार बच्चों का इलाज कराने आए पालक।

ओपीडी में बीमार बच्चों की संख्या काफी बढ़ी


बरसात में डायरिया का खतरा ज्यादा

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. विनोद नायक ने बताया कि बरसात के मौसम में अशुद्ध पानी और दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन से डायरिया जैसी बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसकी चपेट में आने से उल्टी और दस्त होने लगता है साथ ही पेट दर्द की शिकायत हाेती है। परेशानी ज्यादा होने पर शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है। डायरिया से बचने के लिए शुद्ध जल और ताजा खाने का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही डीहाइड्रेशन से बचने के लिए ओआरएस बच्चों को देना चाहिए।

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