जिन 300 किसानों के टोकन कट चुके उनसे अब 21 हजार क्विंटल धान की और होगी खरीदी
शासन ने छूटे हुए किसानों का धान खरीदने का निर्णय लिया है। जिन किसानों के टोकन कट चुके हैं, उनकी मार्कफेड के एमडी और विशेष सचिव द्वारा समीक्षा के बाद खरीदी जाएगी।
खरीदी की तारीक अभी तय नहीं है, लेकिन जिले में लगभग 300 ऐसे किसान शेष हैं जिनसे करीब 21 हजार क्विंटल धान खरीदना शेष है। सबसे ज्यादा किसान धरमजयगढ़ और केसला समिति में करीब सवा 200 किसान है। विधानसभा में सरकार के एलान के बाद मार्कफेड का सरकारी आदेश कलेक्टर को पहुंच गया है। खरीफ में धान खरीदी के आखिरी हफ्ते में समितियों में बारदाने की कमी एवं अफसरों के मौखिक निर्देश पर किसानों से धान खरीदी नहीं हो पाई थी। अंतिम 3-4 दिनों में जारी किए गए टोकन में भी समितियों में पूरा धान नहीं खरीदा गया था और तकनीकी दिक्कतें बताकर किसानों को वापस लौटाया था। इससे कई किसान अपना धान बेचने से वंचित रह गए थे। धान खरीदी में किसानों की इसी परेशानी को लेकर विपक्ष के हंगामे के बाद सीएम भूपेश बघेल ने लंबित टोकन पर खरीदी करने का आश्वासन दिया था। शनिवार को मार्कफेड ने कलेक्टर को आदेश जारी किए हैं और जिले में 20 फरवरी खरीदी के अंतिम दिन जिन किसानों के टोकन में धान खरीदी नहीं की जा सकी थी,उनका सत्यापन करने के बाद खरीदी करवाने के निर्देश दिए हैं।
समितियों से 30 प्रतिशत धान का उठाव नहीं
समितियों में अभी भी 14 लाख क्विंटल यानी 30 फीसदी धान रखा हुआ है। खराब मौसम के धान के उठाव की रफ्तार कम है। कुछ जगहों में भी नुकसान की भी बात कही जा रही है। मिलरों को दूसरे आवंटन भी अबतक नहीं मिला है। अफसरों का कहना है कि होली के बाद शासन मिलरों को आवंटन देगी। इसके बाद समितियों में रखे धान लगभग समाप्त हो जाएंगे।
समीक्षा के बाद तय होगी तारीख