धान खरीदी के सॉफ्टवेयर में दिक्कत किसानों को नहीं मिल रहा भुगतान

Raigarh News - तीन दिन पहले धान खरीदी शुरू हो चुकी है, सोसाइटी में धान बेचने वाले किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को...

Dec 04, 2019, 08:31 AM IST
तीन दिन पहले धान खरीदी शुरू हो चुकी है, सोसाइटी में धान बेचने वाले किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को धान बेचने के बाद जब भुगतान के लिए किसानों की ऑनलाइन एंट्री शुरू हुई तो सॉफ्टवेयर ने काम करना बंद कर दिया। जिले में अब तक 1873 किसानों ने धान बेचा है। सोसाइटियों में धान बेचने के लिए काफी कम संख्या में किसान पहुंच रहे हैं।

टोकन लेने के बाद भी किसान नहीं पहुंच रहे। भुगतान नहीं होने की खबर मिलने के बाद किसानों ने धान बेचना बंद कर दिया है। इधर पुसौर ब्लाक के किसानों कहना है कि टोकन का पटवारी से सत्यापन कराने के लिए कहा जा रहा है, पटवारियों को खोजकर सत्यापन कराने में काफी समय लग रहा है, इसके बाद ही किसान धान बेच सके। अपेक्स बैंक से जुड़े अफसरों कहना हैं कि धान खरीदी के बाद भुगतान को लेकर हफ्तेभर बाद ही व्यवस्था ठीक तरह से चलेगी। अगर ऐसी गड़बड़ी जल्द ठीक नहीं हुई तो आढ़तिये और कोचिये किसानों पर डोरे डालेंगे।

रविवार को धान बेचा अब तक नहीं हुआ भुगतान- पटेलपाली कृषि उपज मंडी में रविवार को 4 किसानों ने धान बेचा था, तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन किसी भी किसान के खाते में पैसा जमा नहीं हो सका है। मंगलवार को यहां करीब 10 किसानों ने धान बेचा। किसान सुखदेव नायक ने बताया कि तीन दिन पहले उन्होंने धान बेचने के बाद अब तक खातों पैसा नहीं आया है, धान खरीदी देर से शुरू होने के बाद भी व्यवस्था सुधर नहीं सकी है। यहां भी 18 किसान धान बेच चुके हैं, लेकिन किसी का भुगतान नहीं हो सका है।

धान की तौलाई कराते किसान।

सॉफ्टवेयर में नाम ही अपलोड नहीं हो रहा है

केशला सोसाइटी में अब तक करीब 20 किसानों ने धान बेचा है। केंद्र के मैनेजर रोहित पटेल ने बताया कि केशला सोसाइटी और उपकेन्द्र गढ़ उमरिया में 30 से अधिक किसानों ने धान बेच चुके हैं, लेकिन खरीदी के बाद भुगतान करने के लिए जब किसानों की सॉफ्टवेयर में एंट्री शुरू की गई तो सॉफ्टवेयर बिगड़ गया। गढ़उमरिया उपकेंद्र में सुबह से ही कम्प्यूटर ऑपरेटर भुगतान के लिए किसानों के अपडेट करने की कोशिश करता रहा है, लेकिन नहीं हो सका।

जितना टोकन कट रहा है उतने किसान नहीं आ रहे है

खरसिया ब्लॉक के तरकेला ब्लॉक के सोसाइटी में तीन दिनों में 27 किसानों ने धान बेचा है। सोसाइटी संचालक रामदयाल मानिकपुरी ने बताया कि 27 किसानों को जब भुगतान के ऑनलाइन एंट्री करने की कोशिश की तो नहीं हुआ। काफी कम संख्या में किसान धान खरीदी के लिए पहुंच रहे हैं, मंगलवार को करीब 15 किसानों ने धान खरीदी के लिए टोकन जारी किया था लेकिन 13 किसान धान ही बेचने के लिए पहुंचे।

भास्कर संवाददाता | रायगढ़

तीन दिन पहले धान खरीदी शुरू हो चुकी है, सोसाइटी में धान बेचने वाले किसानों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। मंगलवार को धान बेचने के बाद जब भुगतान के लिए किसानों की ऑनलाइन एंट्री शुरू हुई तो सॉफ्टवेयर ने काम करना बंद कर दिया। जिले में अब तक 1873 किसानों ने धान बेचा है। सोसाइटियों में धान बेचने के लिए काफी कम संख्या में किसान पहुंच रहे हैं।

टोकन लेने के बाद भी किसान नहीं पहुंच रहे। भुगतान नहीं होने की खबर मिलने के बाद किसानों ने धान बेचना बंद कर दिया है। इधर पुसौर ब्लाक के किसानों कहना है कि टोकन का पटवारी से सत्यापन कराने के लिए कहा जा रहा है, पटवारियों को खोजकर सत्यापन कराने में काफी समय लग रहा है, इसके बाद ही किसान धान बेच सके। अपेक्स बैंक से जुड़े अफसरों कहना हैं कि धान खरीदी के बाद भुगतान को लेकर हफ्तेभर बाद ही व्यवस्था ठीक तरह से चलेगी। अगर ऐसी गड़बड़ी जल्द ठीक नहीं हुई तो आढ़तिये और कोचिये किसानों पर डोरे डालेंगे।

रविवार को धान बेचा अब तक नहीं हुआ भुगतान- पटेलपाली कृषि उपज मंडी में रविवार को 4 किसानों ने धान बेचा था, तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन किसी भी किसान के खाते में पैसा जमा नहीं हो सका है। मंगलवार को यहां करीब 10 किसानों ने धान बेचा। किसान सुखदेव नायक ने बताया कि तीन दिन पहले उन्होंने धान बेचने के बाद अब तक खातों पैसा नहीं आया है, धान खरीदी देर से शुरू होने के बाद भी व्यवस्था सुधर नहीं सकी है। यहां भी 18 किसान धान बेच चुके हैं, लेकिन किसी का भुगतान नहीं हो सका है।

टोकन का पटवारी से सत्यापन कराना होगा


व्यापारी तहखाने में छिपाकर रखा था 528 बोरी धान, जब्त

भास्कर संवाददाता | खरसिया

चपले में राजस्व खाद्य एवं पुलिस की टीम ने 528 बोरी धान का अवैध संग्रहण मिला। व्यवसायी ने कार्रवाई से धान को बचाने के लिए उसे तहखाने में छिपाकर रखा था पर टीम के नजर से वे बच नहीं पाए। अवैध तरीके से धान स्टोर मिलने पर व्यवसायी के खिलाफ मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

मिली जानकारी के अनुसार टीम को सूचना मिली थी कि बायंग में व्यवसायी अवैध तरीके से धान की खरीदारीकर उसे अपने घर में स्टोर करके रखा है। सूचना पर टीम बायंग चौक पहुंची। वहां व्यापारी राजकुमार के घर की तलाश ली तो गोदाम में रखा था। उल्लेखनीय होगा कि 3 दिन पूर्व ही ग्राम चपले में 600 बोरी अवैध धन पाया गया था। सूत्रों की मानें तो धान को सहकारी समिति में खपाने की तैयारी थी।

रायपुर से सॉफ्टवेयर में अपडेट किया जा रहा है


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